तमिलनाडु में लड़कियों की शिक्षा पर जोर, DMK सांसद का बयान

डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने तमिलनाडु में लड़कियों की शिक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। उन्होंने कहा कि जबकि उत्तरी राज्यों में लड़कियों से घरेलू काम करने की अपेक्षा की जाती है, तमिलनाडु में उन्हें पढ़ाई और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी छात्राओं को लैपटॉप वितरित करते हुए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। जानें इस विषय पर और क्या कहा गया।
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तमिलनाडु में लड़कियों की शिक्षा पर जोर, DMK सांसद का बयान

लड़कियों की शिक्षा पर DMK सांसद का बयान

डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया, जिसमें उन्होंने कहा कि उत्तरी राज्यों में लड़कियों से घरेलू काम करने की अपेक्षा की जाती है, जबकि तमिलनाडु में उन्हें शिक्षा और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कायद-ए-मिल्लत सरकारी महिला महाविद्यालय में छात्राओं को संबोधित करते हुए, उन्होंने तमिलनाडु को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बताया और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सराहना की।


मुख्यमंत्री की प्रशंसा और शिक्षा का महत्व

मारन ने कहा कि तमिलनाडु में द्रविड़ आदर्शों का पालन किया जाता है और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इन सिद्धांतों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपनी बेटियों पर गर्व होना चाहिए और उन्हें पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर भारतीय राज्यों में लड़कियों को नौकरी करने से रोका जाता है, जबकि तमिलनाडु में यह स्थिति अलग है।


लैपटॉप वितरण समारोह

राज्य के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने 'उलगम उंगल कैयिल' योजना के तहत कायद-ए-मिल्लत सरकारी महिला महाविद्यालय की छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए। उन्होंने छात्राओं की सामाजिक जिम्मेदारी की सराहना की और महाविद्यालय के योगदान को रेखांकित किया। स्टालिन ने कहा, "शिक्षा पूरी करने के बाद लड़कियां समाज में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।" उन्होंने इस पहल के लिए 2.5 करोड़ रुपये आवंटित करने की जानकारी दी और छात्राओं को लैपटॉप का उपयोग शिक्षा के लिए करने की सलाह दी।