तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी पर द्रमुक कार्यकर्ताओं का विरोध

तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद द्रमुक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले उनके परिवार से बातचीत की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और अवरोधक हटाए। उदयनिधि के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं। इस घटना ने राज्य में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
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उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की प्रक्रिया

चेन्नई, चार अगस्त: तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने उनके परिवार और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता मा. सुब्रमण्यम से बातचीत की। इस संबंध में आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी। इस दौरान, बड़ी संख्या में द्रमुक कार्यकर्ता उदयनिधि के निवास के बाहर इकट्ठा हुए और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।


हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बातचीत जारी रखी। अधिकारियों ने उदयनिधि की पत्नी कीरुतिका स्टालिन और सुब्रमण्यम को गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराया। इसके बाद, परिवार ने उदयनिधि को कुछ समय देने का अनुरोध किया ताकि गिरफ्तारी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा सके।


द्रमुक कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी की आवश्यकता और उसके कारणों पर पुलिस अधिकारियों से बहस की। इस दौरान, आवास के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधक भी हटा दिए। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के लिए उदयनिधि स्टालिन के नीलांकरई स्थित आवास पर पुलिस ने लगभग एक घंटे तक इंतजार किया।


जब पुलिस उदयनिधि को वाहन में बिठाकर तंजावुर ले जा रही थी, उस समय राज्य के पूर्व मंत्री के.एन. नेहरू और पी.के. शेखर बाबू सहित द्रमुक के कई नेता वहां मौजूद थे, जिन्होंने नारेबाजी की। गिरफ्तारी के विरोध में द्रमुक कार्यकर्ताओं ने राज्य भर में प्रदर्शन किया और ‘सड़क जाम’ भी किया। अपने नेता की गिरफ्तारी से नाराज कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए कुछ स्थानों पर उनके पुतले भी जलाए।


उदयनिधि के खिलाफ नौ धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, दंगा भड़काने के इरादे से लोगों को उकसाने, महिला की गरिमा को अपमानित करने और आपराधिक धमकी देने जैसी धाराएं शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।