तमिलनाडु में AIADMK विधायकों का TVK को समर्थन, राजनीतिक समीकरण में बदलाव

तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है जब AIADMK के 30 विधायकों ने मुख्यमंत्री विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का निर्णय लिया। यह कदम विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले आया है, जिससे राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। शनमुगम ने पार्टी में किसी भी फूट की खबरों को खारिज किया और कहा कि AIADMK किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में जानें।
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AIADMK के 30 विधायकों ने TVK को दिया समर्थन

तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घटना घटी जब AIADMK के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम के नेतृत्व में 30 से अधिक विधायकों ने मुख्यमंत्री विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) को अपना समर्थन देने का निर्णय लिया। यह घोषणा उस समय हुई है जब TVK सरकार बुधवार को विधानसभा में अपना पहला 'फ्लोर टेस्ट' (बहुमत परीक्षण) करने जा रही है। शनमुगम ने इस समर्थन के साथ AIADMK में किसी भी तरह की फूट की खबरों को खारिज किया और कहा कि पार्टी को तोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।


राजनीतिक समीकरणों में बदलाव

यह घटनाक्रम उन अटकलों के बीच आया है कि शनमुगम के नेतृत्व वाला गुट चाहता है कि पार्टी प्रमुख एडप्पादी K पलानीस्वामी अपने पद से इस्तीफा दें। शनमुगम ने स्पष्ट किया कि AIADMK किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं है, जिसका अर्थ है कि पार्टी का BJP से कोई संबंध नहीं है। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में AIADMK ने 47 सीटें जीती थीं, जिससे शनमुगम का गुट पार्टी का सबसे बड़ा समूह बन गया।


फ्लोर टेस्ट की तैयारी

शनमुगम के नेतृत्व में AIADMK का TVK को समर्थन, विधानसभा में होने वाले महत्वपूर्ण 'फ्लोर टेस्ट' से एक दिन पहले आया है। इस परीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री विजय को यह साबित करना होगा कि उन्हें सदन में बहुमत का समर्थन प्राप्त है। TVK ने हाल के चुनावों में 108 सीटें जीती थीं, लेकिन बहुमत के लिए उन्हें 10 सीटों की कमी थी। विजय ने कांग्रेस, वामपंथी दलों, 'विदुथलाई चिरुथैगल काची' (VCK) और 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' (IUML) की मदद से सरकार बनाई थी।


पार्टी की स्थिति पर चर्चा

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, शनमुगम ने पार्टी की चुनावी हार की ओर इशारा किया। 23 अप्रैल को हुए चुनावों में, AIADMK ने 234 विधानसभा सीटों में से केवल 47 सीटें जीती थीं। 2021 के चुनावों में, DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन ने AIADMK को सत्ता से बेदखल कर दिया था। शनमुगम ने कहा कि लोगों का जनादेश विजय के मुख्यमंत्री बनने के पक्ष में है और इसलिए, AIADMK पार्टी और विधायक दल ने मुख्यमंत्री विजय को अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है।


AIADMK के भविष्य पर चिंता

राज्यसभा के पूर्व सांसद शनमुगम ने कहा कि 30 विधायकों का TVK को समर्थन देने के बाद, अब EPS का समर्थन करने वाले केवल 17 विधायक ही बचे हैं। उन्होंने कहा कि एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने DMK के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अधिकांश विधायकों ने इसे अस्वीकार कर दिया। शनमुगम ने यह भी कहा कि AIADMK को भविष्य में खत्म होने से बचाना आवश्यक है।


AIADMK की बैठक और भविष्य की रणनीति

शनमुगम ने कहा कि AIADMK विधायकों ने EPS से चुनावी हार के कारणों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है और इस पर चर्चा करने के लिए एक आम परिषद की बैठक बुलाने की आवश्यकता है।