तमिलनाडु चुनाव से पहले पलानीस्वामी के वादे: वित्तीय सहायता और ऋण माफी

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले, एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं। उन्होंने प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, ऋण माफी और मछुआरों के लिए अतिरिक्त सहायता की घोषणा की है। इसके अलावा, राज्य की मतदाता सूची में भी महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। जानें पलानीस्वामी के वादों और मतदाता आंकड़ों के बारे में अधिक जानकारी।
 | 
तमिलनाडु चुनाव से पहले पलानीस्वामी के वादे: वित्तीय सहायता और ऋण माफी

पलानीस्वामी के चुनावी वादे

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी में, एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने शुक्रवार को जनता के सामने कई महत्वपूर्ण वादे रखे। इनमें प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, सब्सिडी में वृद्धि और ऋण माफी शामिल हैं। इन उपायों का उद्देश्य परिवारों, नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं, मछुआरों, बुनकरों और छोटे व्यापारियों को सहायता प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परिवार को 10,000 रुपये की राहत राशि दी जाएगी। रोजगार केंद्रों में पंजीकृत स्नातकों को 2,000 रुपये की मासिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा, उच्च माध्यमिक शिक्षा प्राप्त कर चुके और रोजगार केंद्रों में पंजीकृत व्यक्तियों को 1,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।


 


पलानीस्वामी की अन्य घोषणाएँ


पलानीस्वामी ने मछुआरों के लिए वार्षिक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के दौरान अतिरिक्त सहायता की भी घोषणा की। वर्तमान राहत राशि, जो 8,000 रुपये है, को बढ़ाकर 12,000 रुपये किया जाएगा। थाई पोंगल के अवसर पर हर साल दिए जाने वाले उपहारों के अतिरिक्त 1,000 रुपये भी प्रदान किए जाएंगे। एआईएडीएमके नेता ने यह भी कहा कि हथकरघा बुनकरों के लिए मुफ्त बिजली की सीमा 300 यूनिट से बढ़ाकर 450 यूनिट की जाएगी। वहीं, बिजली से चलने वाले करघों के लिए यह सीमा 1,000 यूनिट से बढ़ाकर 1,400 यूनिट कर दी जाएगी।


 


इसके अलावा, उन्होंने शहरी क्षेत्रों में फुटपाथ पर दुकानें चलाने वाले छोटे व्यापारियों के लिए सहकारी बैंकों से लिए गए ऋण माफ करने की घोषणा की। भारत निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु की अंतिम मतदाता सूची को संशोधित कर प्रकाशित किया है, जिसमें 74 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं।


 


मतदाता सूची में बदलाव


तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी, अर्चना पटनायक ने चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन आंकड़ों का खुलासा किया। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने भी अपने-अपने जिलों के लिए संशोधित आंकड़े जारी किए। अब कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 5.67 करोड़ हो गई है, जबकि पहले यह संख्या 6.41 करोड़ थी। अद्यतन के बाद, राज्य में 2.77 करोड़ पुरुष मतदाता, 2.89 करोड़ महिला मतदाता और 7,617 तृतीय लिंग मतदाता हैं।