तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने द्रमुक पर भगदड़ के राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर पिछले वर्ष करूर में हुई भगदड़ के राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और पीड़ित परिवारों से मिलने में असमर्थता जताई। मुख्यमंत्री ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की आवश्यकता पर जोर दिया और भगदड़ में जान गंवाने वालों की याद में स्मारक निर्माण की घोषणा की।
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मुख्यमंत्री का आरोप

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को करूर में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर पिछले वर्ष की भगदड़ की दुखद घटना का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए जिले का दौरा करने से रोका गया था। मुख्यमंत्री ने करूर में पहली बार पहुंचकर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए।


पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

मुख्यमंत्री विजय ने पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि 27 सितंबर को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सभा के दौरान पुलिस ने उन्हें बढ़ती भीड़ के बारे में कोई चेतावनी नहीं दी। उन्होंने बताया कि भीड़ के अनियंत्रित होने के बावजूद पुलिस ने सभा को रद्द करने का कोई कदम नहीं उठाया, जबकि उनके पास ऐसा करने का अधिकार था। इसके बजाय, पुलिस ने उन्हें अपनी सुरक्षा में सीधे राजमार्ग तक ले जाने का निर्णय लिया।


पीड़ित परिवारों से मुलाकात

मुख्यमंत्री ने बताया कि मई में पदभार ग्रहण करने के बाद, वह 2025 में करूर जाकर इस हादसे से प्रभावित 41 पीड़ित परिवारों से नहीं मिल सके थे। हालांकि, बाद में उन परिवारों को चेन्नई के पास लाया गया, जहां उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार कौन था और यह सब किसके निर्देश पर हुआ।


स्मारक निर्माण की घोषणा

करूर में आयोजित सभा में काले रंग के परिधान में पहुंचे मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी टीवीके करूर भगदड़ में जान गंवाने वालों की याद में एक स्मारक का निर्माण करेगी। सभा के बाद, मुख्यमंत्री ने करूर में एक रोड शो भी किया, जहां सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया।