डोनाल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में हंगामा, इमिग्रेशन नीतियों पर तीखी बहस
ट्रंप का विवादास्पद भाषण
24 फरवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान कैपिटल हिल के हाउस चैंबर में भारी हंगामा हुआ। ट्रंप ने अपनी कड़ी इमिग्रेशन नीतियों का बचाव करते हुए डेमोक्रेट्स पर तीखा हमला किया।
भाषण में ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को 'क्रिमिनल एलियंस' करार दिया और कहा कि सरकार का प्राथमिक कर्तव्य अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा है, न कि अवैध प्रवासियों की। उन्होंने मिनेसोटा को 'भ्रष्टाचार का शानदार उदाहरण' बताते हुए वहां के सोमाली समुदाय पर धोखाधड़ी और अपराध के आरोप लगाए।
इस दौरान, मिनेसोटा की डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर, जो खुद सोमाली-अमेरिकी हैं, ने ट्रंप पर जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, 'आपने अमेरिकियों को मारा है!' और 'आपको शर्म आनी चाहिए!'। उमर का यह विरोध हाल ही में इमिग्रेशन क्रैकडाउन के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों की मौत से जुड़ा था।
उमर के साथ मिशिगन की डेमोक्रेटिक सांसद रशीदा त्लाइब ने भी विरोध में आवाज उठाई। दोनों ने ट्रंप को 'झूठा' और 'नफरत फैलाने वाला' बताया। सदन में हंगामा इतना बढ़ गया कि कुछ डेमोक्रेट्स ने चैंबर छोड़ दिया।
ट्रंप ने तुरंत पलटवार करते हुए डेमोक्रेट्स को 'पागल' करार दिया और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उमर और त्लाइब पर तीखा हमला किया। उन्होंने उन्हें 'लो IQ' और 'मेंटली डिरेंज्ड' कहा।
उमर ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने कोई पछतावा नहीं किया और इसे 'अनिवार्य' बताया। उन्होंने कहा कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की आवाज उठाना चाहती थीं, जो फेडरल एजेंट्स से आतंकित हैं।
यह घटना ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इमिग्रेशन पर उनकी आक्रामक नीतियों और डेमोक्रेट्स के बीच गहरे विभाजन को दर्शाती है।
