डोंबिवली में शिवसेना कॉर्पोरेटर का सरेंडर, मारपीट मामले में हुई गिरफ्तारी

डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में हुई मारपीट के मामले में शिवसेना के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने उनकी ज़मानत रद्द कर दी थी। इस मामले में एक अन्य आरोपी साधना करंडे को भी गिरफ्तार किया गया है। जानें इस विवादास्पद घटना के पीछे की पूरी कहानी और आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में।
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मारपीट मामले में कॉर्पोरेटर का सरेंडर

डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में हुई मारपीट के मामले में आरोपी शिवसेना के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद रविवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने म्हात्रे की ज़मानत रद्द कर दी थी और उन्हें शाम 5 बजे तक सरेंडर करने का निर्देश दिया था। इसके बाद, उन्हें भारी पुलिस सुरक्षा के बीच कल्याण कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।


शनिवार को, बॉम्बे हाई कोर्ट ने कॉर्पोरेटर की ज़मानत रद्द की थी, जिन पर ठाणे के एक सिविक अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट करने का आरोप है। कोर्ट ने म्हात्रे को 19 जुलाई को शाम 5 बजे तक सरेंडर करने का आदेश दिया और मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित की।


पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया

इस मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध के खिलाफ कार्रवाई की है। सूत्रों के अनुसार, मामले की पांचवीं आरोपी साधना करंडे को गिरफ्तार किया गया है। साधना करंडे, प्रियंका उधमले की मां हैं, जिनका शास्त्री नगर अस्पताल में इलाज चल रहा था और उन्हें भी मारपीट के मामले में आरोपी बनाया गया था।


घटना के समय अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में उन्हें देखा गया था, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पहले पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी किया था, लेकिन उनकी बेटी के अस्पताल में इलाज के कारण गिरफ्तारी नहीं की थी।


हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद, पुलिस ने करंडे को उनके घर से हिरासत में लिया। प्रियंका उधमले को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, आज करंडे को अदालत में पेश किया जाएगा। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप से जांच में तेजी आई है और आने वाले दिनों में आरोपियों के खिलाफ और कार्रवाई की संभावना है।


मारपीट की घटना का विवरण

इस महीने की शुरुआत में, म्हात्रे और उनके साथियों द्वारा सिविक हॉस्पिटल के दो डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के एक सदस्य के साथ मारपीट का एक वीडियो सामने आया था, जिसे लोगों ने कड़ी निंदा की।


यह घटना तब हुई जब एक परिवार को सलाह दी गई कि वे नवजात शिशु को किसी अन्य अस्पताल में ले जाएँ। इस घटना के बाद, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इलाके में क्लीनिक और अस्पताल बंद करने की धमकी दी, जिसके बाद म्हात्रे और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।