डूंगरगढ़ की युवती ने माता-पिता से भागकर प्रेमी के साथ जीने का लिया फैसला

डूंगरगढ़ की 22 वर्षीय लक्ष्मी ने अपने माता-पिता को छोड़कर अपने प्रेमी आकाशदीप के साथ जीने का निर्णय लिया है। यह कहानी उस समय की है जब लक्ष्मी ने अपने परिवार के खिलाफ जाकर अपने प्रेम के लिए संघर्ष किया। लक्ष्मी का कहना है कि उसके माता-पिता ने अपनी इज्जत खो दी है और वह अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से जीना चाहती है। जानें कैसे लक्ष्मी ने अपने परिवार से दूरी बनाकर अपने प्रेमी के साथ एक नई जिंदगी की शुरुआत की।
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डूंगरगढ़ की युवती ने माता-पिता से भागकर प्रेमी के साथ जीने का लिया फैसला

परिवार से दूरी और प्रेम का चुनाव

डूंगरगढ़ की युवती ने माता-पिता से भागकर प्रेमी के साथ जीने का लिया फैसला


डूंगरगढ़ की एक 22 वर्षीय युवती ने अपने माता-पिता से दूरी बनाते हुए अपने प्रेमी के साथ रहने का निर्णय लिया है। लक्ष्मी नाई ने बताया कि उसके माता-पिता ने उसे 22 वर्षों तक पाला, लेकिन अब वह अपने प्रेमी आकाशदीप के साथ जीने का मन बना चुकी है।


लक्ष्मी ने कहा कि उसके माता-पिता ने अपनी इज्जत खुद ही खो दी है। वह अपने माता-पिता के खिलाफ जाकर अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है।


इस तरह की घटनाएं आजकल आम होती जा रही हैं, जहां लड़कियां अपने माता-पिता को छोड़कर सोशल मीडिया पर मिले लड़कों के साथ भाग जाती हैं।


लक्ष्मी ने आकाशदीप से इंस्टाग्राम पर डेढ़ साल पहले संपर्क किया था। दोनों ने एक-दूसरे से बात करना शुरू किया और प्यार हो गया। जब लक्ष्मी ने अपने परिवार को आकाशदीप के बारे में बताया, तो उन्होंने इस रिश्ते का विरोध किया।


लक्ष्मी के माता-पिता ने आकाशदीप के बारे में नकारात्मक बातें सुनीं, जिसके बाद उन्होंने इस रिश्ते को खत्म करने का निर्णय लिया। लक्ष्मी ने कहा कि उसके माता-पिता ने उसकी बातों पर विश्वास नहीं किया।


लक्ष्मी ने अपने माता-पिता के सामने कहा कि अगर उन्हें अपनी इज्जत की परवाह नहीं है, तो वह क्यों करें। उसने अपने जीवन को अपनी मर्जी से जीने की इच्छा जताई।


जब लक्ष्मी और आकाशदीप सरदारशहर पुलिस थाने पहुंचे, तो लक्ष्मी के माता-पिता भी वहां आए और अपनी बेटी को वापस ले जाने के लिए हाथ जोड़कर भीख मांगते रहे।


हालांकि, लक्ष्मी ने अपने माता-पिता के आंसुओं पर ध्यान नहीं दिया और आकाशदीप के साथ चली गई। उसने कहा कि उसे अपने माता-पिता और भाई से जान का खतरा है।