डीके शिवकुमार ने ओडिशा कांग्रेस विधायकों की बेंगलुरु यात्रा पर दी प्रतिक्रिया
डीके शिवकुमार का बयान
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा चुनावों से पहले ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु बुलाने की बात से इंकार किया। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि वे बाद में उनसे मुलाकात करेंगे। ओडिशा कांग्रेस के आठ विधायक, जिनमें मुख्य सचेतक सीएस राजेन एक्का भी शामिल हैं, बेंगलुरु पहुंच चुके हैं और एक निजी रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं। शिवकुमार ने क्रॉस-वोटिंग और ऑपरेशन कमल की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि रिसॉर्ट की राजनीति उनके लिए कोई नई बात नहीं है।
पत्रकारों से बातचीत
पत्रकारों से बातचीत करते हुए, शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ओडिशा के विधायकों को नहीं बुलाया है, बल्कि वे स्वयं बेंगलुरु आए हैं। उन्होंने कहा, "सत्र समाप्त होने के बाद मैं उनसे मिलने जाऊंगा।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें नहीं पता कि विधायकों का बेंगलुरु आने का कारण क्या है। ओडिशा के पीसीसी अध्यक्ष ने फोन करके विधायकों को आने के लिए कहा था।
राज्यसभा चुनावों पर चर्चा
जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी ने उन्हें राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग रोकने का कार्य सौंपा है, तो उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्देशों के अनुसार काम करना होता है। यह सभी राज्यों में होता है और यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु सुरक्षित है और उन्हें यहां आकर अवलोकन करना चाहिए।
ओडिशा कांग्रेस विधायकों की बेंगलुरु यात्रा
शिवकुमार ने कहा कि ओडिशा के विधायकों की देखभाल करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि वे इस प्रकार के कार्यों में लंबे समय से शामिल हैं, जिसमें अहमद पटेल के राज्यसभा चुनाव और मध्य प्रदेश चुनाव भी शामिल हैं। गुरुवार रात, ओडिशा कांग्रेस के छह विधायक बेंगलुरु पहुंचे, जबकि दो और विधायक भी वहां पहुंच चुके हैं।
