डीके शिवकुमार का 64वां जन्मदिन: राजनीतिक सफर और विवादों की कहानी

आज, 15 मई को, कांग्रेस के प्रमुख नेता डीके शिवकुमार अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर, हम उनके जीवन की कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा कर रहे हैं। डीके शिवकुमार ने 8 बार विधायक के रूप में कार्य किया है और उन्हें कांग्रेस में संकटमोचन माना जाता है। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत 1985 में हुई थी, और उन्होंने कई चुनावों में जीत हासिल की है। हालांकि, उनके जीवन में विवाद भी रहे हैं, जिसमें 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं। जानें उनके जीवन की और भी रोचक बातें।
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डीके शिवकुमार का जन्मदिन

आज, 15 मई को, कांग्रेस के प्रमुख नेता डीके शिवकुमार अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्हें कांग्रेस पार्टी में संकटमोचन के रूप में जाना जाता है और वह 8 बार विधायक रह चुके हैं। प्रियंका गांधी भी उनके राजनीतिक कौशल की प्रशंसा करती हैं। कर्नाटक कांग्रेस में उनका स्थान बहुत ऊँचा है। चुनावों में लगातार जीत हासिल कर उन्होंने अपने राजनीतिक कौशल को साबित किया है। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारियों पर नजर डालते हैं...


जन्म और परिवार

डीके शिवकुमार का जन्म 15 मई 1962 को बेंगलुरू के निकट कनकपुरा में हुआ। उनके पिता का नाम केम्पेगौड़ा और मां का नाम गौरम्मा है। उन्होंने 1993 में ऊषा से विवाह किया और उनके दो बेटियाँ और एक बेटा है।


राजनीतिक यात्रा

1985 में, डीके शिवकुमार ने कांग्रेस के टिकट पर जनता पार्टी के नेता एचडी देवगौड़ा के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद, 1989 में, 27 वर्ष की आयु में, उन्होंने साथनूर सीट से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की। तब से लेकर अब तक, उन्होंने किसी भी चुनाव में हार का सामना नहीं किया। 30 वर्ष की आयु में, वह मुख्यमंत्री श्री बंगारप्पा की सरकार में मंत्री बने।


विवादों में नाम

डीके शिवकुमार एक सफल व्यवसायी भी हैं। हालांकि, 2019 में उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसके चलते उन्हें 50 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा। बाद में, वह जमानत पर रिहा हो गए।