डीके शिवकुमार 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में लेंगे शपथ
शपथ ग्रहण का समय और तिथि
डीके शिवकुमार 3 जून को दोपहर 3:30 बजे राजभवन के ग्लास हाउस में कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। पार्टी के नेताओं ने बताया कि यह समय और तारीख उनके निजी ज्योतिषी बेलूर द्वारकानाथ से परामर्श के बाद तय की गई है।
शुभ मुहूर्त का चयन
ज्योतिष में गहरी आस्था रखने वाले डीके शिवकुमार को सलाह दी गई थी कि वे उस दिन शाम लगभग 4:05 बजे शुरू होने वाले शुभ मुहूर्त में शपथ लें। इस समय का चयन इस कारण से भी किया गया है ताकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और एआईसीसी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इस कार्यक्रम में शामिल हो सकें। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सरल समारोह का निर्णय
हालांकि इस अवसर की राजनीतिक महत्वता बहुत बड़ी है, कांग्रेस ने भव्य आयोजन न करने का निर्णय लिया है। राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीसी चंद्रशेखर ने कहा, "हमने पहले इस कार्यक्रम को विधान सौध की भव्य सीढ़ियों पर आयोजित करने का विचार किया था, जिसमें 15,000 से 20,000 लोग शामिल होते। लेकिन महंगाई और ईंधन की कीमतों के कारण लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए हमने बड़े कार्यक्रम को रद्द कर दिया।"
जनता की सुविधा का ध्यान
जीसी चंद्रशेखर ने आगे बताया कि डीके शिवकुमार ने इस बात पर जोर दिया कि कार्यक्रम को साधारण रखा जाए, ताकि जनता की सेवा के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता प्रदर्शित हो सके। चूंकि 3 जून को कार्यदिवस है, पार्टी ने जनता को किसी भी प्रकार की ट्रैफिक जाम या असुविधा से बचाने का प्रयास किया।
विधायक दल का नेता चुना गया
शनिवार को विधान सौध में हुई बैठक में डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया। कर्नाटक कांग्रेस में पिछले 17 वर्षों में यह पहला बड़ा नेतृत्व परिवर्तन है, क्योंकि इस दौरान यह पद सिद्दरमैया के पास था। बैठक के तुरंत बाद, डीके शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
सिद्दरमैया का नाम प्रस्ताव
विधायक दल की बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने स्वयं डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पूर्व गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने समर्थन दिया। इसके बाद सभी विधायकों ने एक स्वर में इसे मंजूरी दी। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस निर्णय की औपचारिक घोषणा की। अब सभी की नजरें नए कैबिनेट के गठन पर हैं।
