ट्विशा शर्मा की दुखद कहानी: एक साल में खुशी से मातम तक का सफर
ट्विशा शर्मा की कहानी का दुखद मोड़
12 मई 2025 को शुरू हुआ एक नया रिश्ता, एक साल बाद उसी तारीख को शर्मा परिवार के लिए एक बड़ा दुख बन गया। नोएडा की ट्विशा शर्मा की असामयिक मृत्यु ने उसके परिवार को तोड़कर रख दिया है, जो अब अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहा है.
खुशियों से भरा दिन और दुखद अंत
12 मई 2025 को, शर्मा परिवार ने अपनी बेटी ट्विशा के लिए एक नए रिश्ते की शुरुआत की थी। घर में खुशी का माहौल था, लेकिन एक साल बाद, 12 मई 2026 को, यह तारीख उनके लिए सबसे दुखद बन गई।
एक रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा से भोपाल का सफर इस बार बेटी की विदाई के लिए नहीं, बल्कि उसकी लाश लेने के लिए था। ट्विशा, जो कुछ घंटे पहले अपनी मां से बात कर रही थी, अब हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थी। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से वह मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रही थी।
ट्विशा की अंतिम बातचीत
ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर बात करते हुए कहा कि उसका एबॉर्शन हो चुका है और वह वहां नहीं रहना चाहती। उसने मां से नोएडा लौटने के लिए टिकट बुक करने को कहा। परिवार ने 15 मई की फ्लाइट बुक की, लेकिन ट्विशा उस सफर पर नहीं जा सकी।
उसकी मां से आखिरी बातचीत रात करीब 10 बजे हुई थी। कॉल अचानक कट गया और परिवार ने कई बार उसे फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जब उन्होंने उसके पति को कॉल किया, तो उन्हें बताया गया कि 'वह नहीं रही'।
ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान
शर्मा परिवार तुरंत नोएडा से भोपाल के लिए रवाना हुआ। जब वे वहां पहुंचे, तो उन्हें पहले बेटी का शव देखने नहीं दिया गया। जब उन्होंने ट्विशा को देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसके शरीर पर कई चोट के निशान थे, जिससे परिवार का दिल टूट गया।
