ट्रेनों में जनरल बोगियों की स्थिति का रहस्य: जानें क्यों होती हैं सिर्फ शुरुआत और अंत में
ट्रेनों में जनरल बोगियों का स्थान
कई लोगों ने ट्रेन से यात्रा की है, चाहे वह नजदीकी शहरों के लिए हो या लंबी दूरी के लिए। ट्रेनों में सामान्य, स्लीपर और एसी कोच होते हैं। यदि आपने ध्यान दिया है, तो जनरल बोगियां अक्सर ट्रेन के आगे या पीछे होती हैं।
इससे आपके मन में कभी न कभी यह सवाल जरूर आया होगा कि एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में अनारक्षित कोच केवल आगे और पीछे ही क्यों होते हैं? ट्रेन के मध्य में जनरल बोगियां क्यों नहीं होतीं? यदि हां, तो इस लेख में हम आपके इस प्रश्न का उत्तर देने जा रहे हैं।
बोगियों की इस स्थिति के पीछे कई कारण हैं। हाल ही में एक युवक ने ट्विटर पर इस विषय पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और यही सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, '24 बोगी वाली ट्रेन में जनरल बोगी केवल दो ही क्यों हैं? और ये बोगियां ट्रेन के आगे और पीछे ही क्यों होती हैं? क्या इसका कारण यह है कि जब ट्रेन का एक्सीडेंट होगा तो जनरल बोगियों में यात्रा करने वाले गरीब सबसे पहले प्रभावित होंगे?' उन्होंने रेल विभाग को भी टैग किया।
रेलवे अधिकारी संजय कुमार ने उनके सवाल का उत्तर देते हुए कहा, 'पूछताछ करना अच्छा है, लेकिन यह यात्रियों की सुविधा के लिए है। जनरल कोच में भीड़ अधिक होती है। यदि यह बीच में होती, तो प्लेटफॉर्म पर चढ़ने और उतरने वाले यात्रियों की भीड़ से अवरुद्ध हो जाता, जिससे अन्य यात्रियों को निकलने में कठिनाई होती।'
जनरल बोगियों के आगे और पीछे होने का मुख्य कारण प्लेटफॉर्म पर भीड़ को नियंत्रित करना है। इस तरह, भीड़ दो समूहों में बंट जाती है; कुछ पीछे की ओर जाते हैं और कुछ आगे। यह रेलवे अधिकारियों को आपात स्थितियों और दुर्घटनाओं के दौरान लोगों की सहायता करने में भी मदद करता है।
