ट्रंप का भारत के साथ रक्षा संबंधों पर विवादास्पद बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत के साथ रक्षा संबंधों पर एक विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने 68 अपाचे हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी में देरी का आरोप लगाया। हालांकि, भारतीय रक्षा मंत्रालय ने उनके दावे को खारिज कर दिया है। इस लेख में हम जानेंगे कि भारत की असली चिंता क्या है और अपाचे हेलीकॉप्टर की क्षमताएँ क्या हैं। क्या ट्रंप का बयान सही है या सिर्फ एक राजनीतिक बयानबाजी? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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ट्रंप का भारत के साथ रक्षा संबंधों पर विवादास्पद बयान

ट्रंप का दावा: हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी में देरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत के साथ अपने देश के रक्षा संबंधों को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया। हाउस जीओपी में एक कार्यक्रम के दौरान, ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे 68 अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी में तेजी लाने का अनुरोध किया था। उनके अनुसार, ये हेलीकॉप्टर पिछले पांच वर्षों से लंबित हैं। हालांकि, भारतीय रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया।


हेलीकॉप्टरों की खरीदारी की सच्चाई

ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी ने उनसे 'सर' कहकर बात की और डिलीवरी में देरी की शिकायत की। लेकिन भारतीय रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत ने केवल 28 अपाचे हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था, जिसमें 2015 में 22 और 2020 में 8 शामिल हैं। इनकी डिलीवरी दिसंबर 2025 तक पूरी होने की योजना है।


भारत की चिंता: कीमतें

भारत की असली चिंता हेलीकॉप्टरों की कीमत है। AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, लेकिन इसकी कीमत लगभग $150 मिलियन (लगभग 1,350 करोड़ रुपये) है। इसके विपरीत, स्वदेशी HAL द्वारा निर्मित प्रचंड हेलीकॉप्टर की कीमत केवल $48 मिलियन (लगभग 400 करोड़ रुपये) है। इस वजह से भारतीय सेना ने अपनी योजना में बदलाव करते हुए 39 की जगह केवल 28 अपाचे खरीदने का निर्णय लिया।


अपाचे की क्षमताएँ और इतिहास

अपाचे हेलीकॉप्टर को 'फ्लाइंग टैंक' कहा जाता है, क्योंकि यह 10 किमी दूर से लक्ष्य भेदने में सक्षम है। इसमें हेलफायर मिसाइलें और हाइड्रा रॉकेट लगे हैं, और यह दिन-रात किसी भी मौसम में युद्ध लड़ने में सक्षम है। हालांकि, इसकी उच्च कीमत और आधुनिक युद्ध की चुनौतियाँ भारतीय सेना के लिए एक बड़ी समस्या बन सकती हैं।