ट्रंप का ऐतिहासिक रक्षा बजट प्रस्ताव: 1.5 ट्रिलियन डॉलर की मांग

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस से 1.5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट मांगा है, जो अब तक का सबसे बड़ा सैन्य बजट है। इस प्रस्ताव में पिछले वर्ष की तुलना में रक्षा खर्च में 40-44% की वृद्धि की योजना है। हालांकि, इस बजट को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है, और विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज और बढ़ सकता है। जानें इस बजट के पीछे की रणनीति और इसके संभावित प्रभाव।
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ट्रंप का ऐतिहासिक रक्षा बजट प्रस्ताव: 1.5 ट्रिलियन डॉलर की मांग

अमेरिका का नया रक्षा बजट


वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से दुनिया को चौंकाते हुए एक अभूतपूर्व रक्षा बजट का प्रस्ताव रखा है। ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस से लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 125 लाख करोड़ रुपये) का रक्षा बजट मांगा है, जो कि अब तक का सबसे बड़ा सैन्य बजट माना जा रहा है।


रक्षा खर्च में वृद्धि

इस प्रस्ताव में पिछले वर्ष की तुलना में रक्षा खर्च को लगभग 40–44% तक बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इसमें हथियारों के निर्माण, मिसाइल रक्षा प्रणाली, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नौसेना के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है।


सैन्य तैयारी में अमेरिका

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह बजट अमेरिका को वैश्विक स्तर पर सैन्य रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा, खासकर ईरान जैसे संघर्षों और चीन की बढ़ती ताकत को ध्यान में रखते हुए।


कटौती की योजना

रक्षा बजट में वृद्धि के लिए सरकार ने शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं में लगभग 73 अरब डॉलर की कटौती का प्रस्ताव भी रखा है।


राजनीतिक विवाद

इस बजट को लेकर अमेरिका में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी डेमोक्रेट नेताओं ने इसे “असंतुलित” और “अस्वीकार्य” करार दिया है और इसके पारित होने में बड़ी बाधाओं की संभावना जताई जा रही है।


कर्ज की चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि इतना बड़ा रक्षा खर्च अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज को और बढ़ा सकता है, जो पहले से ही काफी ऊंचे स्तर पर है।


निष्कर्ष

ट्रंप का यह ‘सुपर वॉर बजट’ अमेरिका की सैन्य ताकत को नई ऊंचाई देने का प्रयास है, लेकिन इसके आर्थिक और राजनीतिक प्रभावों पर देश के भीतर गंभीर बहस शुरू हो गई है।