ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता
वैश्विक भूराजनीति में महत्वपूर्ण बैठक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वैश्विक भूराजनीतिक उथल-पुथल और व्यापारिक तनाव के बीच हुई, और इसे 'सदी की सबसे महत्वपूर्ण वार्ताओं' में से एक माना जा रहा है। ट्रंप की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया। बैठक की शुरुआत में, शी जिनपिंग ने वैश्विक अस्थिरता पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया पिछले 100 वर्षों में ऐसे बदलावों का सामना कर रही है।
ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच वार्ता
बैठक के दौरान, शी जिनपिंग ने कहा, "9 साल बाद आपका फिर से स्वागत है। पूरी दुनिया हमारी इस बैठक पर नज़र रखे हुए है।" उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात अस्थिर हैं और क्या अमेरिका और चीन 'थ्यूसीडाइड्स ट्रैप' से बचते हुए एक नया संबंध स्थापित कर पाएंगे।
ट्रंप का सकारात्मक दृष्टिकोण
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "चीन और अमेरिका के संबंध पहले से कहीं बेहतर होने वाले हैं।" उन्होंने शी जिनपिंग की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह एक महान नेता हैं। ट्रंप ने अपने प्रतिनिधिमंडल की गुणवत्ता पर भी जोर दिया, यह कहते हुए कि वह केवल शीर्ष स्तर के लोगों के साथ काम करना चाहते हैं।
शी जिनपिंग का स्वागत
शी जिनपिंग ने ट्रंप का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए है, जिसमें ईरान, युद्ध और व्यापारिक विवाद शामिल हैं। ट्रंप की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण आर्थिक अनिश्चितताएँ बढ़ रही हैं।
