ट्रंप और शी चिनफिंग के बीच ऐतिहासिक वार्ता: व्यापार और सुरक्षा पर चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बीजिंग में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें ईरान युद्ध, व्यापारिक मतभेद और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की गई। ट्रंप ने इसे 'अब तक की सबसे बड़ी शिखर बैठक' बताया। इस यात्रा के दौरान, दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को मजबूत करने और साझा हितों पर ध्यान केंद्रित करने का संकल्प लिया। जानें इस ऐतिहासिक वार्ता के प्रमुख बिंदु और भविष्य की चुनौतियाँ।
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ट्रंप और शी चिनफिंग के बीच ऐतिहासिक वार्ता: व्यापार और सुरक्षा पर चर्चा gyanhigyan

ट्रंप की चीन यात्रा का महत्व

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग ने ईरान युद्ध और व्यापारिक मतभेदों पर चर्चा करने के लिए बृहस्पतिवार को बैठक की। ट्रंप ने इसे 'अब तक की सबसे बड़ी शिखर बैठक' करार दिया।


बीजिंग पहुंचने पर ट्रंप का भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने शी चिनफिंग के साथ अपनी पहली बैठक में कहा कि वह 'बड़ी चर्चा' के लिए उत्सुक हैं।


ट्रंप और शी चिनफिंग के बीच ऐतिहासिक वार्ता: व्यापार और सुरक्षा पर चर्चा


यह यात्रा नौ वर्षों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली चीन यात्रा है। ट्रंप ने कहा, 'जब कठिनाइयां आईं, तो हमने उनका समाधान निकाला।'


उन्होंने कहा, 'हमारा भविष्य साथ मिलकर शानदार होगा।' ट्रंप ने शी चिनफिंग को कई बार महान नेता बताया।


व्यापारिक संबंधों पर चर्चा

ट्रंप के साथ कई प्रमुख अमेरिकी कारोबारी नेता भी आए हैं, जिनमें एनवीडिया के जेन्सन हुआंग, एप्पल के टिम कुक, और टेस्ला के एलन मस्क शामिल हैं।


ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैं राष्ट्रपति शी से आग्रह करूंगा कि वे चीन को और अधिक क्षेत्रों के लिए खोलें।'


बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि शी चिनफिंग से मुलाकात में यह उनका 'पहला अनुरोध' होगा।


शी ने ट्रंप का औपचारिक स्वागत करते हुए कहा कि 2026 चीन-अमेरिका संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष होगा।


उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों की तुलना में अधिक साझा हित हैं।


भविष्य की चुनौतियाँ

ट्रंप की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया के संघर्षों और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण आर्थिक अनिश्चितताएँ बढ़ गई हैं।


दोनों नेता व्यापार, शुल्क, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, और ताइवान जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।


ट्रंप के बीजिंग पहुंचने से पहले, चीन के उप प्रधानमंत्री और अमेरिकी अधिकारी दक्षिण कोरिया में व्यापार वार्ता कर चुके हैं।


बीजिंग हवाई अड्डे पर ट्रंप का स्वागत चीन के उपराष्ट्रपति ने किया, जो एक दुर्लभ सम्मान माना जा रहा है।


इस शिखर बैठक पर दुनिया की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या इससे अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने में मदद मिलेगी।