टीएमसी सांसद डोला सेन ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर जताया विश्वास

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अभिषेक बनर्जी के भड़काऊ भाषणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। टीएमसी सांसद डोला सेन ने इस मामले में न्याय और सत्य की जीत की उम्मीद जताई है। शिकायतकर्ता ने बनर्जी के भाषणों का उल्लेख किया है, जिसमें उन्होंने विपक्षी कार्यकर्ताओं को धमकी दी। जानें इस मामले में आगे क्या हो सकता है और टीएमसी के नेताओं की प्रतिक्रिया।
 | 
टीएमसी सांसद डोला सेन ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर जताया विश्वास gyanhigyan

भड़काऊ भाषण के आरोप में एफआईआर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई है। टीएमसी सांसद डोला सेन ने इस पर विश्वास व्यक्त किया कि सत्य और न्याय की जीत होगी। यह एफआईआर 15 मई को बिधाननगर उत्तर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि बनर्जी ने चुनावी रैलियों में भड़काऊ और उत्तेजक भाषण दिए, जिससे हिंसा भड़की और जन शांति भंग हुई।


शिकायत और भाषणों का विवरण

शिकायतकर्ता राजीव सरकार ने मार्च और अप्रैल के बीच महेशतला, आरामबाग, हरिंघाटा और नंदीग्राम में बनर्जी के भाषणों का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने विपक्षी कार्यकर्ताओं को धमकी दी और आक्रामक भाषा का प्रयोग किया। इन टिप्पणियों को बनर्जी के आधिकारिक फेसबुक पेज 'अभिषेक बनर्जी ऑफिशियल' और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से साझा किया गया था।


सेन का बयान और न्याय की उम्मीद

पत्रकारों से बातचीत करते हुए सेन ने कहा कि अंतिम निर्णय हमेशा न्याय और सत्य के पक्ष में होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मामले में भी न्याय होगा। भारतीय न्याय संहिता की धारा 192, 196, 351(2) और 353(1)(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले, पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने तानाशाही तरीके से काम किया है। अब लोग शिकायत करने को तैयार हैं और पुलिस कार्रवाई के लिए भी तत्पर है, इसलिए न्याय अवश्य मिलेगा।