टीएमसी का ईडी और सीबीआई के खिलाफ कोलकाता में विरोध प्रदर्शन

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता कुणाल घोष ने कोलकाता में ईडी और सीबीआई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग चुनाव से पहले सत्ताधारी पार्टी को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। घोष ने कहा कि भाजपा ने 'डेटा चोरी' की साजिश रची है, जबकि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर इस कार्रवाई का विरोध किया। यह घटनाक्रम राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।
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टीएमसी का ईडी और सीबीआई के खिलाफ कोलकाता में विरोध प्रदर्शन

कोलकाता में टीएमसी का विरोध प्रदर्शन

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता कुणाल घोष ने गुरुवार को कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन ईडी द्वारा आई-पीएसी कार्यालय पर की गई छापेमारी के बाद हुआ। यह घटना आई-पीएसी के कोलकाता कार्यालय में एक नाटकीय स्थिति के बाद सामने आई, जहां ईडी ने कथित फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले के सिलसिले में छापेमारी की थी। विरोध के दौरान मीडिया से बात करते हुए घोष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।


भाजपा पर आरोप

घोष ने कहा कि जब 'वोट चोर' भाजपा ने देखा कि उनकी 'वोट चोरी' विफल हो रही है, तो उन्होंने 'डेटा चोरी' की यह साजिश रची। उन्होंने जांच के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन मामलों का जिक्र किया जा रहा है, उनकी अब तक जांच क्यों नहीं हुई? कोलकाता स्थित आई-पीएसी कार्यालय में ईडी की कार्रवाई का जिक्र करते हुए टीएमसी नेता ने कहा कि फर्म पार्टी के सलाहकार के रूप में कार्य कर रही थी और उन पर चुनाव प्रचार से संबंधित संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया।


टीएमसी कार्यकर्ताओं का एकजुटता

घोष ने पत्रकारों से कहा कि आई-पीएसी हमारा सलाहकार है और आज हमारे चुनाव प्रचार से संबंधित डेटा और योजना चुराने का प्रयास किया गया है। इस विरोध प्रदर्शन में टीएमसी के कई कार्यकर्ता और नेता एकत्र हुए और ईडी तथा सीबीआई के खिलाफ नारे लगाते हुए केंद्रीय एजेंसियों पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि ये छापे टीएमसी को डराने और उसकी संगठनात्मक तथा चुनाव प्रचार तैयारियों को बाधित करने के उद्देश्य से किए गए थे।