टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग: जांच में नए खुलासे और गिरफ्तारियां

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच एजेंसियों ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि ये आरोपी हमलावरों तक हथियार पहुंचाने में मदद कर रहे थे। राधा और बबीता पर आरोप है कि उन्होंने हथियार लेकर मुंबई पहुंचने में मदद की। कुणाल और सुमित की भूमिका भी जांच के दायरे में है। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। आगे की पूछताछ से फायरिंग की साजिश और हथियारों की सप्लाई के बीच संबंध स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की जांच


मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच एजेंसियों को एक महत्वपूर्ण हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी जानकारी मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में राधा, बबीता, कुणाल और सुमित का नाम शामिल है। पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने हमलावरों तक हथियार पहुंचाने में मदद की थी। अब जांच का फोकस हथियारों की सप्लाई और आरोपियों के बीच संबंधों पर है।


राधा और बबीता पर आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राधा, जो उत्तर प्रदेश के सीतापुर की निवासी हैं, और बबीता, जो आजमगढ़ से हैं, पर आरोप है कि उन्होंने हथियार लेकर मुंबई पहुंचने में मदद की। पुलिस का दावा है कि दोनों 15 अक्टूबर को दिल्ली से मुंबई के लिए निकली थीं। जांचकर्ताओं के अनुसार, राधा के बैग में एक पिस्टल थी और दोनों ने मुंबई पहुंचने के बाद दादर में एक होटल में ठहरने का निर्णय लिया।


पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को होटल के पास एक नाबालिग लड़का राधा से बैग लेकर गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बैग किसे सौंपा गया और उसका फायरिंग की घटना से क्या संबंध था। फिलहाल, ये सभी आरोप जांच का हिस्सा हैं और अदालत में साबित होना बाकी है।


कुणाल और सुमित की भूमिका

हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल और सुमित को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, कुणाल ने अमृतसर से हथियार और कारतूस जुटाए थे। जांचकर्ताओं का कहना है कि वह अनिल पंडित नाम के व्यक्ति के संपर्क में था और उसके निर्देशों पर काम कर रहा था।


मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि कुणाल और राधा के बीच परिचय था। पुलिस का आरोप है कि कुणाल ने राधा को हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया। जांच एजेंसियां अब चारों आरोपियों के बीच संपर्क और उनकी भूमिका के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।


फायरिंग की घटना का विवरण

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और राजस्थान के कोटा से तीन कथित हमलावरों को गिरफ्तार किया। बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार अन्य लोगों को पकड़ा।


रिपोर्ट्स के अनुसार, चारों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद मुंबई पुलिस को पूछताछ के लिए तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फायरिंग की साजिश में किन लोगों की भूमिका थी और हथियार हमलावरों तक कैसे पहुंचे।


लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंधों की जांच

इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों का अनिल पंडित से क्या संपर्क था और क्या इस घटना में किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क की भूमिका रही। जांच एजेंसियां डिजिटल संपर्कों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं।


फिलहाल, जांच जारी है। राधा, बबीता और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकेगा। मामले में आगे की पूछताछ से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हथियारों की कथित सप्लाई और फायरिंग की घटना के बीच क्या संबंध था।