झुंझुनूं में सड़क निर्माण हादसे में आठ मजदूरों की मौत, पीएम ने मुआवजे की घोषणा की
भीषण सड़क निर्माण हादसा
झुंझुनूं, राजस्थान में सड़क निर्माण के दौरान एक गंभीर दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से आठ श्रमिकों की दुखद मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इस घटना की जानकारी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों तथा घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है।
प्रधानमंत्री की संवेदनाएं और सहायता
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) के तहत, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री का निर्देश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता पहुंचाई जाए।
हादसे का कारण
पुलिस के अनुसार, सोमवार को छापोली गांव में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान, बजरी मिलाने के लिए इस्तेमाल की जा रही मशीन हाईटेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आ गई।
इससे बिजली का करंट मशीन में फैल गया और आसपास काम कर रहे श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। इस अचानक हुए हादसे ने घटनास्थल पर अफरा-तफरी मचा दी। करंट लगने से आठ श्रमिकों की जान चली गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
मृतकों की पहचान
इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिक मंडावरा और छापोली गांव के निवासी बताए गए हैं। घायलों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। उदयपुरवाटी थाने के प्रभारी रामपाल ने बताया कि यह दुर्घटना मशीन के हाईटेंशन लाइन से टकराने के कारण हुई।
स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश का माहौल है, क्योंकि एक साथ आठ श्रमिकों की मौत ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। प्रशासन के सामने अब घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने की चुनौती है।
