झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी
छात्रों ने झारखंड सरकार को नया प्रतिनिधिमंडल सौंपा
रांची, 7 अगस्त: भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने शुक्रवार को झारखंड सरकार को 10 सदस्यों का नया प्रतिनिधिमंडल सौंपा। यह प्रतिनिधिमंडल सरकार के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे झारखंड लोक सेवा आयोग-झारखंड कर्मचारी चयन आयोग सुधार मंच ने बताया कि पहले भेजे गए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पर आपत्ति उठाए जाने के बाद यह नई सूची प्रस्तुत की गई है।
पुराने प्रतिनिधिमंडल में एक वकील और दो तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। नए प्रतिनिधिमंडल में छात्र नेता रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रविंद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल हैं। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा यह आंदोलन अब 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
इस दौरान छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं, और दो छात्र संगठनों ने विधानसभा तक मार्च निकाला। छात्रों से बातचीत के लिए गठित पांच सदस्यीय सरकारी समिति के सदस्य और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने प्रतिनिधिमंडल में एक वकील को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद नई सूची प्रस्तुत की गई। बातचीत का निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान के एक दिन बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ चर्चा के लिए तैयार है।
सुदिव्य कुमार ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा कि यह आंदोलन छात्रों का है और सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है। यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या झारखंड का कोचिंग माफिया इस आंदोलन को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश करता है, तो सरकार ऐसा नहीं होने देगी।
