झारखंड में पेसा अधिनियम के तहत नए नियमों की अधिसूचना

झारखंड सरकार ने पंचायत उपबंध अधिनियम के तहत नए नियमों की अधिसूचना जारी की है, जो आदिवासी समुदायों को स्वशासन का अधिकार प्रदान करते हैं। ये नियम भूमि, जल, और वन संसाधनों पर अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। 13 जिलों में पूरी तरह से और 3 जिलों में आंशिक रूप से लागू होने वाले इन नियमों का उद्देश्य आदिवासी ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना है।
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झारखंड में पेसा अधिनियम के तहत नए नियमों की अधिसूचना

झारखंड सरकार ने पेसा अधिनियम के नियमों की घोषणा की

झारखंड सरकार ने पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) (पेसा) अधिनियम के अंतर्गत नए नियमों की अधिसूचना जारी की है। यह जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने शनिवार को दी।


पेसा अधिनियम का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों को स्वशासन का अधिकार प्रदान करना है।


पंचायती राज विभाग द्वारा शुक्रवार रात जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, इन नियमों का मुख्य लक्ष्य आदिवासी समुदायों के भूमि, जल, वन संसाधनों, संस्कृति और शासन प्रणाली पर उनके अधिकारों को पुनर्स्थापित करना और उनकी सुरक्षा करना है। ये नियम आदिवासी ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने में सहायक होंगे।


झारखंड मंत्रिमंडल ने पिछले वर्ष 23 दिसंबर को इन नियमों को स्वीकृति दी थी। पेसा अधिनियम, संविधान की पांचवीं अनुसूची में निर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्रों में लागू होगा। एक अधिकारी ने बताया कि झारखंड में ये नियम 13 जिलों में पूरी तरह से और तीन जिलों में आंशिक रूप से लागू होंगे।


इन 13 जिलों में रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं। वहीं, पलामू, गोड्डा और गढ़वा में ये नियम आंशिक रूप से लागू होंगे।


अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि अनुसूचित क्षेत्रों में 16,022 गांव और 2,074 पंचायतें शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास से संबंधित मामलों में ग्राम सभा की पूर्व सहमति आवश्यक होगी।