झारखंड में चुनावी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई

झारखंड के गढ़वा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान एक बूथ स्तरीय अधिकारी को भ्रष्टाचार के आरोप में चुनावी ड्यूटी से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई का कारण एक वीडियो है, जिसमें अधिकारी पैसे मांगते हुए दिखाई दे रही हैं। जिला प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कदम उठाए हैं। उपायुक्त ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।
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गढ़वा में चुनावी ड्यूटी से हटाया गया अधिकारी

झारखंड के गढ़वा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। एक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) को चुनावी कार्य से तुरंत हटा दिया गया है, जब गणना प्रपत्रों के वितरण और डिजिटल डेटा एंट्री के लिए रिश्वत मांगने के सबूत मिले। जिला प्रशासन ने सोमवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी और स्पष्ट किया कि चुनावी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


आधिकारिक बयान के अनुसार, गढ़वा के उपायुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी पशुपति नाथ मिश्र ने मामले की जांच का आदेश तब दिया जब एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में कुसुम देवी नाम की बीएलओ को गणना प्रपत्र बांटने और आंकड़ों को डिजिटल रूप में दर्ज करने के बदले पैसे मांगते हुए देखा गया। इस गंभीर मामले की जांच धुरकी के सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी द्वारा की गई।


जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि वीडियो में लगाए गए आरोप सही थे और कुसुम देवी ने एसआईआर से जुड़े कार्यों के लिए अवैध धन की मांग की थी। जांच के आधार पर भवानीनाथपुर के मतदाता पंजीकरण अधिकारी ने उन्हें निर्वाचन संबंधी सभी कार्यों से मुक्त करने की सिफारिश की, जिसे लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान अवैध वसूली करने वाले किसी भी कर्मी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्र ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने मतदाताओं से भी अपील की है कि यदि एसआईआर-2026 के दौरान कोई भी व्यक्ति पैसे की मांग करता है या गड़बड़ी करता है, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।


झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया 30 जून से शुरू हुई है और 29 जुलाई तक जारी रहेगी। इस अभियान के दौरान बीएलओ को घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने, भरे हुए फॉर्म एकत्र करने और उनकी बारीकी से जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।