झारखंड मुक्ति मोर्चा का असम में चुनावी विस्तार का अभियान
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) असम में आगामी विधानसभा चुनावों में 31 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है। पार्टी का लक्ष्य असम के चाय बागानों में रहने वाले लगभग 70 लाख आदिवासियों को आकर्षित करना है। झामुमो के नेता हेमंत सोरेन आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। पार्टी का मानना है कि इन समुदायों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया है और वे राजनीतिक प्रतिनिधित्व की तलाश में हैं। जानें जेएमएम के इस चुनावी अभियान के बारे में और क्या है उनकी रणनीति।
| Mar 19, 2026, 16:10 IST
झारखंड मुक्ति मोर्चा का असम में चुनावी अभियान
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) अपने क्षेत्रीय प्रभाव को बढ़ाने के लिए असम में आगामी विधानसभा चुनावों में 30 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है। पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि आंतरिक चर्चा के बाद जेएमएम ने 31 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है, हालांकि अंतिम पुष्टि अभी बाकी है।
पार्टी का उद्देश्य असम के चाय बागानों में रहने वाले लगभग 70 लाख आदिवासियों को अपनी ओर आकर्षित करना है। इनमें से कई के पूर्वज झारखंड से पलायन कर वहां बस गए थे। झामुमो के एक नेता ने कहा कि विस्तृत विचार-विमर्श के बाद पार्टी ने असम में 31 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। अंतिम निर्णय जल्द ही लिया जाएगा। नाम न छापने की शर्त पर एक नेता ने बताया कि असम की बड़ी जनजातीय जनसंख्या पार्टी के विस्तार के लिए एक अच्छा अवसर प्रदान करती है, क्योंकि इनमें चाय बागानों के कई श्रमिक शामिल हैं जिनकी जड़ें झारखंड के छोटानागपुर क्षेत्र से जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि झामुमो का मानना है कि इन समुदायों की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है और वे मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व की तलाश में हैं। झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन देशव्यापी आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे हैं। उन्होंने पलायन के बाद असम में बसे आदिवासी समुदाय का विश्वास जीता है और अब वह चाय बागानों में काम करने वाली जनजातियों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। असम के स्थानीय आदिवासी भी उन्हें एक सशक्त व्यक्तित्व मानते हैं, जो उनके हितों की रक्षा कर अन्याय के खिलाफ लड़ सकते हैं।
पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि 2024 में झारखंड विधानसभा चुनाव में जीत के बाद से सोरेन असम का दौरा कर रहे हैं और इस पूर्वोत्तर राज्य में आदिवासी मुद्दों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री एक-दो दिन में वहां जा सकते हैं। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के समापन पर सोरेन ने बुधवार को दावा किया कि देशभर के वंचित समुदाय अपनी समस्याओं को उठाने के लिए झारखंड की ओर देख रहे हैं।
