झारखंड के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी का बड़ा कदम: सड़कें और पुल निर्माण

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई दिल्ली में हुई बैठक में कई सड़क परियोजनाओं और गंगा नदी पर पुल निर्माण के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इन परियोजनाओं से राज्य में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। गडकरी ने खनन, उद्योग और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने के लिए भी निर्देश दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रोजगार सृजन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
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झारखंड के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी का बड़ा कदम: सड़कें और पुल निर्माण

झारखंड के बुनियादी ढांचे में सुधार

नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में झारखंड की कई प्रमुख सड़क परियोजनाओं और गंगा नदी पर पुल निर्माण के प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई। मंत्री ने इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी दे दी है, जिससे राज्य में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।


बैठक में झारखंड के मिसिंग लिंक क्षेत्रों में फोरलेन और सिक्सलेन सड़कों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही, साहिबगंज जिले के राजमहल से पश्चिम बंगाल के मानिकचक तक गंगा नदी पर पुल निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए। यह पुल पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और झारखंड को पड़ोसी राज्यों से बेहतर तरीके से जोड़ेगा।


केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि एक बेहतर सड़क नेटवर्क न केवल झारखंड बल्कि पूरे पूर्वी भारत के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देगा। उन्होंने राज्य सरकार से खनन, उद्योग और पर्यटन से संबंधित परियोजनाओं के प्रस्ताव पीएम गति-शक्ति पोर्टल पर अपलोड करने का आग्रह किया, ताकि उन्हें शीघ्र मंजूरी मिल सके। भूमि अधिग्रहण और वन मंजूरी से जुड़े लंबित मामलों को जल्द निपटाने के भी निर्देश दिए गए।


इससे पहले भी केंद्र सरकार ने झारखंड में हजारों करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है, लेकिन यह नई पहल राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीद जगाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से रोजगार सृजन, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।