जोरहाट विधानसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला

असम की जोरहाट विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी मुकाबला तेज हो गया है। कांग्रेस के गौरव गोगोई, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, और भाजपा के अनुभवी नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। दोनों ही उम्मीदवार अपने-अपने मुद्दों के साथ प्रचार में जुटे हैं। यह चुनाव असम की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। जानें इस महत्वपूर्ण चुनाव के बारे में और क्या है दोनों नेताओं की रणनीति।
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जोरहाट विधानसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला

जोरहाट विधानसभा सीट पर चुनावी हलचल

असम की जोरहाट विधानसभा सीट इस समय राज्य की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गई है। यहां भाजपा और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के बीच एक तीव्र प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। कांग्रेस के गौरव गोगोई, जो पहली बार विधानसभा चुनाव में भाग ले रहे हैं, और भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी, जो इस सीट से छह बार जीत चुके हैं, के बीच मुकाबला है। गौरव गोगोई इस चुनाव को असम की रक्षा का चुनाव मानते हैं, जबकि गोस्वामी का कहना है कि गोगोई ने सांसद रहते हुए कोई विकास कार्य नहीं किया। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि जोरहाट में किसका पलड़ा भारी रहेगा।


गौरव गोगोई का पहला चुनाव

गौरव गोगोई पहली बार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार हैं। वह न केवल इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, बल्कि असम प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में पूरे राज्य में पार्टी और छह दलीय गठबंधन का नेतृत्व भी कर रहे हैं। विपक्षी दल उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में देख रहे हैं। गौरव अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की विरासत पर भरोसा कर रहे हैं, जिनका जोरहाट से गहरा संबंध रहा है। यही कारण है कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानते हैं।


भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी

भारतीय जनता पार्टी के नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी इस सीट से छठी बार जीतने की कोशिश कर रहे हैं। वह 1991 से लगातार इस सीट पर चुनाव लड़ते आ रहे हैं और 2016 तथा 2021 में भाजपा के टिकट पर जीत हासिल कर चुके हैं। 2021 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार को करारी हार दी थी। गोस्वामी अपनी साफ-सुथरी छवि और क्षेत्र में विकास कार्यों को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।


राज्य में चुनावी प्रचार

दोनों उम्मीदवार जोर-शोर से राज्य में प्रचार में जुटे हुए हैं। असम में 09 अप्रैल 2026 को एक चरण में मतदान होने वाला है। इस प्रकार, जोरहाट सीट की यह लड़ाई अब राज्य की राजनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुकी है। इस सीट के परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।