जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए प्राकृतिक उपाय
क्या आपको जोड़ों में दर्द होता है?
क्या आप अक्सर घुटनों, कमर, कंधों या अन्य जोड़ों में दर्द का अनुभव करते हैं? कई लोग वर्षों तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन करते हैं, लेकिन स्थायी राहत नहीं मिलती। इसका कारण यह है कि अधिकांश दर्द निवारक केवल दर्द और सूजन को कम करते हैं, लेकिन हड्डियों और जोड़ों को अंदर से मजबूत नहीं करते।
इसे इस तरह समझें जैसे जंग लगे लोहे पर केवल टेप लगा दिया जाए। बाहरी रूप से सब कुछ ठीक लगता है, लेकिन अंदर जंग बढ़ती रहती है। जोड़ों के दर्द की असली समस्या को समझना आवश्यक है।
जोड़ों के दर्द के कारण
यदि हम जोड़ों के दर्द की जड़ में जाएं, तो अक्सर शरीर में कुछ कमी पाई जाती है। जैसे कैल्शियम और आवश्यक खनिजों की कमी, जोड़ों के लुब्रिकेशन की कमी, शरीर में सूजन और खराब रक्त संचार। ये सभी कारण धीरे-धीरे दर्द को बढ़ाते रहते हैं।
इसलिए, केवल दर्द को दबाने के बजाय, शरीर को पोषण देना अधिक महत्वपूर्ण है। इस उद्देश्य के लिए, नीचे एक किचन आधारित पोषण मिश्रण का उल्लेख किया गया है, जो शरीर को अंदर से समर्थन कर सकता है।
Joint Strength Powder के लिए आवश्यक सामग्री
यह नुस्खा रोजमर्रा की सामग्रियों से बनाया जा सकता है। सफेद तिल कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत है। मखाना कैल्शियम, फास्फोरस और प्रोटीन प्रदान करता है। बादाम विटामिन E और स्वस्थ वसा प्रदान करते हैं।
अलसी ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है। सोंठ रक्त संचार को समर्थन करती है। हल्दी एक प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी है। काली मिर्च पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करती है। स्वाद के लिए मिश्री या गुड़ मिलाया जा सकता है, लेकिन डायबिटीज में इसे नहीं डालना चाहिए।
मात्रा (लगभग)
तिल, बादाम और मखाना – 40-40 ग्राम
अलसी – 20 ग्राम
सोंठ पाउडर – 5 ग्राम
हल्दी पाउडर – 5 ग्राम
काली मिर्च पाउडर – 2 ग्राम
मिश्री या गुड़ – 10 ग्राम (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
बनाने का तरीका: तिल, मखाना, बादाम और अलसी को हल्की आंच पर अलग-अलग सूखा भूनें। फिर इन्हें ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद, इसमें सोंठ, हल्दी, काली मिर्च और गुड़ मिलाएं। अब इन सभी सामग्रियों को ग्राइंडर में बारीक पीस लें और एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।
सेवन की विधि
सेवन कैसे करें: रोज रात को एक चम्मच पाउडर हल्के गर्म दूध के साथ लिया जा सकता है। चाहें तो इसमें एक चम्मच देसी घी भी मिला सकते हैं। यदि कोलेस्ट्रॉल या वजन की समस्या है, तो दूध की जगह गुनगुना पानी लिया जा सकता है। कमजोर पाचन वाले लोग इसे सुबह नाश्ते के बाद दही के साथ ले सकते हैं।
बेहतर परिणाम के लिए आदतें
बेहतर रिजल्ट के लिए जरूरी आदतें: रोज 10 से 15 मिनट धूप में बैठना आवश्यक है ताकि शरीर को विटामिन D मिल सके। हल्की एक्सरसाइज या रोजाना वॉक करना भी जरूरी है। डाइट में सहजन पत्ते, रागी और आंवला शामिल करना फायदेमंद होता है। इस मिश्रण को कम से कम 8 से 12 हफ्ते तक नियमित लेना चाहिए।
सावधानियां
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए: जिन लोगों को किडनी स्टोन की समस्या है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। नट्स से एलर्जी वाले लोग इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। ब्लड थिनर दवाइयां लेने वाले, थायरॉइड मरीज और 10 साल से छोटे बच्चों को भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना चाहिए। डायबिटीज में मिश्री या गुड़ नहीं डालना चाहिए।
