जून 2026 में ग्रहों की स्थिति: कृषि और व्यापार पर संभावित प्रभाव
जून 2026 का ग्रह गोचर
Saptahik Grah-Gochar 2026: ज्योतिष के अनुसार, जून के पहले सप्ताह में ग्रहों में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने वाला है। इस समय सूर्य वृषभ राशि में, मंगल मेष राशि में और बुध मिथुन राशि में स्थित रहेंगे। इसके अलावा, गुरु कर्क राशि में, शनि मीन राशि में, राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में संचरण करेंगे।
शुक्र ग्रह सप्ताह की शुरुआत में मिथुन राशि में रहेगा, लेकिन 8 जून को दोपहर 2:30 बजे से कर्क राशि में प्रवेश करेगा। इस सप्ताह चंद्रमा कुंभ, मीन, मेष और वृषभ राशि में गोचर करेगा।
कमोडिटी बाजार पर ग्रहों का प्रभाव
कमोडिटी बाजार पर ग्रहों का प्रभाव: तेजी-मंदी के संकेत
11 जून को पुष्य नक्षत्र के दौरान शुक्र के प्रभाव से व्यापार में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके कारण गुड़, खांड, शक्कर, कपूर, पारा, हींग, लाख और चमड़ा के बाजारों में मंदी का रुख रहेगा। वहीं, रूई, कपास और रेशम के व्यापार में तेजी देखने को मिलेगी। अनाज और दलहन के बाजारों में पहले मंदी का रुख रहेगा, लेकिन बाद में अचानक तेजी आएगी। इस दौरान कीमतों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी।
गुरु का कर्क राशि में गोचर का प्रभाव
गुरु का कर्क राशि में गोचर का ऐसा हो सकता है असर
गुरु (बृहस्पति) के कर्क राशि में प्रवेश से देश के कुछ हिस्सों में अकाल जैसी विपरीत स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ग्रहों के इस प्रतिकूल प्रभाव के कारण कहीं भारी बारिश और बाढ़ से फसलों को नुकसान हो सकता है, जबकि उत्तरी भारत के कुछ क्षेत्रों में सूखे की स्थिति बन सकती है। इस दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, असम, बंगाल, केरल और हिंद प्रांत में प्राकृतिक आपदाओं की गंभीर आशंका बनी रहेगी।
सप्ताह के प्रमुख पर्व और त्योहार
सप्ताह के मुख्य पर्व, व्रत और त्योहार
धार्मिक दृष्टिकोण से यह सप्ताह अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। इस हफ्ते सनातन धर्म के दो प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। 11 जून 2026 को 'पुरुषोत्तमी एकादशी' का व्रत रखा जाएगा, जो भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए माना जाता है। इसके अगले दिन, 12 जून 2026 को भगवान शिव की आराधना के लिए 'प्रदोष व्रत' का आयोजन किया जाएगा।
