जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र आंदोलन: सभी कक्षाएं ऑनलाइन, संघ बहाली की मांग

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय ने सभी कक्षाओं को ऑनलाइन संचालित करने का निर्णय लिया है। छात्र 2006 में भंग किए गए छात्र संघ की बहाली की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रशासन पर कई आरोप लगाए हैं, जिसमें धरना स्थल से छात्रों को हटाने और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को जबरन हिरासत में लेने का आरोप शामिल है। इस स्थिति में तनाव बढ़ता जा रहा है, और छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है।
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छात्र आंदोलन के बीच ऑनलाइन कक्षाएं


नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने परिसर में चल रहे छात्र आंदोलन के कारण सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करने का निर्णय लिया है। छात्र 2006 में भंग किए गए छात्र संघ की पुनर्स्थापना की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक आधिकारिक नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।


तनाव की स्थिति

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मोहम्मद महताब आलम रिजवी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, सभी कक्षाएं तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक ऑनलाइन चलेंगी। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को आवश्यक शैक्षणिक सहायता और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराएं।


सोशल मीडिया पर वीडियो

शनिवार को सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए, जिनमें छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर के गेट नंबर 7 के पास धरना स्थल से हटाते हुए दिखाया गया। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।


छात्रों की मांगें

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के साथ बातचीत का कोई संतोषजनक परिणाम नहीं निकला है। 22 वर्षीय छात्र ईबिन बेसिल ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बेसिल 12 अक्टूबर से भूख हड़ताल पर हैं।


प्रशासन पर आरोप

बेसिल ने आरोप लगाया कि प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षाकर्मियों ने धरना स्थल से तंबू हटा दिए और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को इमारत के अंदर ले जाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को जबरन हिरासत में लेने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई थी।


ऑनलाइन कक्षाओं पर सवाल

प्रदर्शन कर रहे छात्रों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सचिव सौरभ त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का उद्देश्य आंदोलन को कमजोर करना है। त्रिपाठी के अनुसार, प्रशासन की ओर से गठित समिति के साथ बातचीत जारी रहने के बावजूद छात्रों के आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है।


छात्रों की सुरक्षा का हवाला

एक अन्य परास्नातक छात्र ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 'वैध छात्रों' की सुरक्षा का हवाला देकर छात्र समुदाय को बांटने की कोशिश की जा रही है।


आंदोलन की शुरुआत

जामिया में यह प्रदर्शन 12 अक्टूबर को शुरू हुआ था। छात्र 2006 में भंग किए गए छात्र संघ की बहाली की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी कक्षाएं ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है।