जापान की प्रधानमंत्री का भारत दौरा: एआई और रक्षा में महत्वपूर्ण समझौते

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में एआई और रक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौते हुए, जिसमें जापान की तकनीक और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता का संयोजन शामिल है। इसके अलावा, आर्थिक मोर्चे पर भी 10 अरब डॉलर के निवेश की बात हुई। जानें इस दौरे की अन्य महत्वपूर्ण बातें और दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों के बारे में।
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जापान की प्रधानमंत्री का भारत दौरा

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने भारत का दौरा किया है। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस बैठक के बाद, पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच आपसी विश्वास और भी मजबूत हुआ है, जो दोनों देशों की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने जापानी प्रधानमंत्री को अपनी 'छोटी बहन' बताते हुए उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।


एआई और रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक समझौते

बैठक के दौरान, भारत और जापान के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता का क्षेत्र प्रमुख रहा। पीएम मोदी ने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता मिलकर एआई के विकास को नई गति प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों ने हाइड्रोजन और न्यूक्लियर ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया। रक्षा क्षेत्र में, पहली बार दोनों देशों ने मिलकर तकनीक विकसित करने का समझौता किया है, जिसमें नौसेना के रेडियो एंटीना 'यूनिकॉर्न' पर कार्य किया जाएगा।


भारत में 10 अरब डॉलर का निवेश

आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह बैठक सफल रही। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में दोनों देशों के बीच लगभग 120 नए व्यापारिक समझौते हुए हैं, जिससे भारत में 10 अरब डॉलर से अधिक का जापानी निवेश आएगा। उन्होंने कहा कि हमारा अगला लक्ष्य जापान से 10 ट्रिलियन येन का निवेश भारत लाना और अगले 10 वर्षों में भारत में कार्यरत जापानी कंपनियों की संख्या को दोगुना करना है। भारत में हो रहे सुधारों के कारण अब विदेशी कंपनियों के लिए व्यापार करना काफी सरल हो गया है।