जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के लिए सीगल इंडिया को मिला 918 करोड़ रुपये का ठेका

सीगल इंडिया लिमिटेड को जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के लिए 918.04 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। इस प्रोजेक्ट में 10.8 किलोमीटर लंबे वायडक्ट और 10 मेट्रो स्टेशनों का निर्माण शामिल है। इसे 34 महीनों में पूरा करना है। जयपुर मेट्रो के इस विस्तार का उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना है। जानें इस प्रोजेक्ट की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ और समय सीमा के बारे में।
 | 
जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के लिए सीगल इंडिया को मिला 918 करोड़ रुपये का ठेका gyanhigyan

सीगल इंडिया को मिला बड़ा ऑर्डर

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनी सीगल इंडिया लिमिटेड ने रविवार को जानकारी दी कि उसके जॉइंट वेंचर सीआईएलसैम इंडिया को जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड से डिजाइन और निर्माण कार्य के लिए 918.04 करोड़ रुपये का ठेका प्राप्त हुआ है। सीगल इंडिया ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि इस ठेके के अंतर्गत जयपुर मेट्रो के फेज 2 विस्तार के तहत 10.8 किलोमीटर लंबे हिस्से में एक ऊंचा वायडक्ट और 10 मेट्रो स्टेशनों का डिजाइन और निर्माण शामिल है। उल्लेखनीय है कि सीआईएलसैम में सीगल इंडिया की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि शेष 26 प्रतिशत हिस्सेदारी सैम इंडिया बिल्टवेल प्राइवेट लिमिटेड के पास है।

जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के लिए सीगल इंडिया को मिला 918 करोड़ रुपये का ठेका

काम की समय सीमा 34 महीने

बयान में कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 918.04 करोड़ रुपये है, जिसे 34 महीनों के भीतर पूरा करना होगा। सीगल इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रमनीक सहगल ने कहा, 'जयपुर मेट्रो फेज 2 के इस पैकेज को हासिल करना हमारे लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि हम सड़कों और राजमार्गों से आगे बढ़कर शहरी गतिशीलता परियोजनाओं में अपने बुनियादी ढांचे के पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहे हैं।'

जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को मिली मंजूरी

यह भी जानना महत्वपूर्ण है कि आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने हाल ही में 13,037.66 करोड़ रुपये की लागत वाले जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को औपचारिक मंजूरी दी थी। अधिकारियों के अनुसार, यह मंजूरी 8 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा प्रोजेक्ट को स्वीकृति दिए जाने के लगभग 20 दिन बाद मिली है। दूसरे चरण की परियोजना में प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर और 36 स्टेशन शामिल हैं, जिसका उद्देश्य जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करना है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पहले ही मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अधिकारियों को परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।