जयपुर में सहकारिता सप्ताह का आयोजन: नई नीतियों पर चर्चा
सहकारिता मंत्रालय का विशेष कार्यक्रम
जयपुर में सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सहकार सप्ताह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में श्रम एवं रोजगार, उद्योग, जेल और सहकारिता विभाग के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने सहकारिता के दैनिक जीवन में उपयोगिता और सरकारी कार्यों में इसके महत्व पर चर्चा की।
इस अवसर पर, श्री पंकज भानु सिंह गोगावत, जो पूर्व विशेषाधिकारी हैं, ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि इस नीति का उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी उपयोग, पेपरलेस कार्य और डोर स्टेप डिलीवरी को बढ़ावा देना है।
गोगावत ने आगे कहा कि भारत 2047 के विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सहकारी किसानों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए तीन राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं का गठन किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि नई नीति में विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को ध्यान में रखते हुए स्टार्टअप्स के माध्यम से रोजगार सृजन और समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
राईसेम के निदेशक, श्री संजय पाठक ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय का पैक्स डिजिटलीकरण अभियान सहकारिता आंदोलन को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बना रहा है। तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं और अवसर मिल रहे हैं।
इस कार्यक्रम में एसएलडीबी की महा प्रबंधक, चुनाव प्राधिकारी, संयुक्त मुख्य अंकेक्षक और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
इसके अलावा, एस.एल.डी.बी. जयपुर में 'सहकार संवाद दिवस' मनाने के लिए एक विशेष आम सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में सहकारी भूमि विकास बैंक की उपलब्धियों पर चर्चा की गई और आगामी कार्य योजनाओं पर विचार किया गया।
