जयपुर में सरसों तेल प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में कदम

जयपुर में, संभागीय आयुक्त वी. सरवण कुमार ने बानसूर में सरसों तेल प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए आधुनिक तकनीक और विपणन के महत्व पर जोर दिया। जिला कलक्टर ने गाजर प्रसंस्करण इकाई की स्थापना का सुझाव दिया, जिससे किसानों को मूल्य संवर्धन में मदद मिलेगी। नाबार्ड के अधिकारियों ने एफपीओ के कारोबार के आंकड़े साझा किए, जो किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं।
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सरसों तेल प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण


जयपुर में, संभागीय आयुक्त और कोटपूतली-बहरोड़ जिला प्रभारी सचिव वी. सरवण कुमार ने बानसूर के बासना में प्रगतिशील मस्टर्ड प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का दौरा किया। उन्होंने सरसों तेल प्रसंस्करण इकाई का अवलोकन करते हुए खरीद, गुणवत्ता परीक्षण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की प्रक्रियाओं की जानकारी ली। उन्होंने उत्पाद की गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक, ब्रांडिंग और विपणन को मजबूत करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।


उन्होंने बताया कि यह किसान उत्पादक संगठन किसानों को उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण और विपणन से जोड़कर बेहतर मूल्य दिलाने में मदद कर रहा है। यह कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण साधन बन रहा है। उन्होंने एफपीओ को सब्जी उत्पादन, पॉलीहाउस खेती और फ्लोरीकल्चर जैसे क्षेत्रों में विस्तार करने का सुझाव दिया।


जिला कलक्टर श्रीमती अपर्णा गुप्ता ने कहा कि गाजर जिले के 'पंच गौरव' उत्पादों में शामिल है। उन्होंने कृषि विभाग के सहयोग से गाजर प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने का सुझाव दिया, जिससे किसानों को मूल्य संवर्धन और बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा।


नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक दीपक जाखड़ ने बताया कि जुलाई 2021 में पंजीकृत एफपीओ ने अब तक लगभग 3.58 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। पीएमएफएमई योजना के तहत स्थापित सरसों तेल प्रसंस्करण इकाई के माध्यम से किसानों को मूल्य संवर्धन का लाभ मिल रहा है और संस्था के व्यवसाय विस्तार के लिए विभिन्न योजनाओं का सहयोग लिया जा रहा है।


इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण, उपखंड अधिकारी अनुराग हरित, लूपिन फाउंडेशन के प्रतिनिधि अनिल गुप्ता और अन्य संबंधित अधिकारी एवं एफपीओ के सदस्य उपस्थित थे।