जयपुर में ब्रिक्स देशों की व्यापार मंत्रियों की बैठक संपन्न

जयपुर में आयोजित ब्रिक्स देशों के व्यापार मंत्रियों की 16वीं बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में आर्थिक साझेदारी 2030 की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सतत विकास जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। जानें इस बैठक के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की 16वीं बैठक

जयपुर, 7 अगस्त: ब्रिक्स देशों के व्यापार मंत्रियों की 16वीं बैठक शुक्रवार को जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में एक संयुक्त घोषणापत्र और चार अनुबंधों को मंजूरी दी गई, साथ ही नयी दिल्ली में होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी 2030 की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस बैठक की अध्यक्षता की।


इस बैठक में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात जैसे सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बैठक का एक महत्वपूर्ण परिणाम ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी 2030 की रणनीति को अंतिम रूप देना रहा। इस रणनीति में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली, डिजिटल अर्थव्यवस्था, उद्योग, नवाचार और प्रौद्योगिकी, व्यापार और निवेश, वित्तीय सहयोग और सतत विकास जैसे कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है।


इस रणनीति पर 2025 में ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान कार्य किया जाएगा और 2026 में भारत की अध्यक्षता में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में शामिल मंत्रियों ने सहमति जताई कि वे इस रणनीति और संयुक्त घोषणापत्र की प्राथमिकताओं को सितंबर 2026 में नयी दिल्ली शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स नेताओं के समक्ष मंजूरी के लिए प्रस्तुत करेंगे। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स की भूमिका बढ़ रही है।


उन्होंने यह भी कहा कि एकतरफा नीतियों और विखंडन का सामना करने के लिए सुदृढ़ता, सहयोग और सुधार आवश्यक हैं। गोयल ने भारत के बहुपक्षीय व्यापार तंत्र के दृष्टिकोण को पुनर्जीवित करने की बात की, जो सुधार-उन्मुख, विकास-केंद्रित, सदस्यों द्वारा संचालित और सर्वसम्मति पर आधारित होना चाहिए। इस तंत्र का केंद्र विश्व व्यापार संगठन होना चाहिए, जहां विशेष और विभेदक व्यवहार का प्रावधान बना रहे और विवाद समाधान के लिए एक प्रभावी दो-स्तरीय और बाध्यकारी व्यवस्था स्थापित की जाए।


केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मानवता सर्वोपरि के दृष्टिकोण से प्रेरित ब्रिक्स सहयोग में लोगों को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स व्यापार का असली उद्देश्य मानवीय है, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की प्रगति, महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के युवाओं के उत्साह में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।