जयपुर में बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने पर बैरवा महासभा की कार्रवाई की मांग
प्रतिमा तोड़ने की घटना से क्षेत्र में तनाव
जयपुर/लालसोट। ग्राम लालपुरा में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने के मामले में अखिल भारतीय बैरवा महासभा का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) से मिला। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हाल ही में, अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा को तोड़ने के बाद क्षेत्र में तनाव उत्पन्न हो गया था। इस घटना ने दलित समुदाय और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश पैदा किया है। लोगों का मानना है कि बाबा साहब केवल एक महापुरुष नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा के साथ की गई तोड़फोड़ ने समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुँचाया है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए महासभा की मांग
घटना के बाद, ग्रामीणों और दलित समाज के सदस्यों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि अपेक्षित गति से कार्रवाई न होने के कारण असंतोष का माहौल बना रहा। इस स्थिति को देखते हुए, अखिल भारतीय बैरवा महासभा ने उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का निर्णय लिया। जयपुर आईजी से मुलाकात के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ने वाले अज्ञात व्यक्तियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की।
महासभा के पदाधिकारियों की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा, महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदयाल बड़ोदिया, और अन्य पदाधिकारियों ने एकमत होकर कहा कि प्रशासन को इस संवेदनशील मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति देश के करोड़ों लोगों की गहरी आस्था है। उनकी प्रतिमाओं के साथ छेड़छाड़ या तोड़फोड़ जैसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं।
आईजी का आश्वासन
जयपुर आईजी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान महासभा के पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की और न्याय की प्रक्रिया पर विश्वास रखने का आग्रह किया।
