जयपुर में पुराने नोटों की ठगी का खुलासा, 8 आरोपी गिरफ्तार
ठगी के गिरोह का पर्दाफाश
जयपुर में पुलिस ने एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को पुराने नोट और सिक्कों के बदले लाखों रुपये देने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। आरोपियों पर यह आरोप है कि वे लोगों को दुर्लभ नोटों और सिक्कों की ऊंची कीमत का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे।
लोगों को ठगने का तरीका
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह उन लोगों को निशाना बनाता था, जिनके पास पुराने नोट या सिक्के होते थे। उन्हें बताया जाता था कि इनकी बाजार में बहुत कीमत है और इन्हें बेचकर वे लाखों रुपये कमा सकते हैं। इस लालच में आकर पीड़ितों से विभिन्न बहानों से पैसे मांगे जाते थे।
बड़े मुनाफे का सपना दिखाना
आरोपियों का तरीका यह था कि वे पुराने नोटों और सिक्कों की कीमत लाखों रुपये बताकर पीड़ितों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी, टैक्स, कमीशन या अन्य खर्चों के नाम पर पैसे जमा करने का दबाव बनाते थे। एक बार पैसे मिलने के बाद, आरोपी बहाने बनाकर संपर्क से बचने लगते थे।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस को जब इस ठगी की शिकायत मिली, तो उन्होंने जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियों और आपसी संपर्कों की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
महिलाएं भी शामिल
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो महिलाएं भी हैं। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि गिरोह में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी और क्या अन्य लोग भी इसमें शामिल हैं। पूछताछ के दौरान ठगी के तरीकों और कितने लोगों को निशाना बनाया गया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
ठगी के बढ़ते मामले
पुराने नोटों और सिक्कों को लेकर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अक्सर बड़ी कीमत मिलने के दावे किए जाते हैं। ठग इसी तरह की जानकारी का फायदा उठाकर लोगों को बड़ी रकम कमाने का लालच देते हैं। कई मामलों में पहले छोटी रकम और फिर बड़ी रकम वसूलने की कोशिश की जाती है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई पुराने नोट या सिक्के बेचने के नाम पर लाखों रुपये मिलने का दावा करे, तो बिना सत्यापन के पैसे न दें। किसी भी तरह की फीस, सिक्योरिटी या रजिस्ट्रेशन के नाम पर रकम मांगने वालों से सावधान रहना चाहिए।
जांच जारी
फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान गिरोह के नेटवर्क, संभावित पीड़ितों और ठगी से जुड़ी रकम के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
