जयपुर में छात्रा की आत्महत्या: परीक्षा से पहले की छलांग, प्रेम प्रसंग का संदेह

जयपुर की पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में एक 23 वर्षीय एमबीए छात्रा ने परीक्षा से ठीक पहले छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना ने पूरे विश्वविद्यालय में हड़कंप मचा दिया। छात्रा के मोबाइल से मिली जानकारी से पता चलता है कि उसने आत्महत्या से पहले एक संदिग्ध नंबर पर कॉल की थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जिसमें प्रेम प्रसंग का संदेह भी शामिल है। परिवार ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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जयपुर में हृदयविदारक घटना


जयपुर। राजस्थान की राजधानी में स्थित पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दुखद घटना घटी। यहाँ, 23 वर्षीय एमबीए द्वितीय वर्ष की छात्रा यशस्वी रोहिल्ला ने परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले कॉलेज की छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। यशस्वी, जो गुर्जर की थड़ी के प्रेम नगर की निवासी थी, एक प्रतिभाशाली छात्रा मानी जाती थी और हाल ही में एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी भी मिली थी।


यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, शनिवार को एमबीए की मिड-सेमेस्टर परीक्षा का आयोजन होना था। परीक्षा हॉल में जाने से पहले यशस्वी अपने सहपाठियों के साथ सामान्य और खुशमिजाज माहौल में बातचीत कर रही थी। अचानक उसके मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसके बाद वह क्लासरूम से बाहर निकलकर तेजी से छठी मंजिल की छत की ओर बढ़ गई। उसके सहपाठियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसने छत की रेलिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे विश्वविद्यालय में हड़कंप मचा दिया, जिसके चलते कॉलेज प्रशासन ने सभी परीक्षाओं को तुरंत स्थगित कर दिया।


पुलिस जांच और परिवार का दुख

घटना की सूचना मिलते ही शिवदासपुरा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। जांच अधिकारियों ने छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। तकनीकी जांच में यह पता चला है कि उसने आत्महत्या से कुछ सेकंड पहले व्हाट्सएप पर एक संदेश भेजा था और एक विशेष नंबर पर कॉल की थी। पुलिस अब उस संदिग्ध नंबर और कॉल डिटेल की गहन जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके।


यशस्वी की अचानक मौत की खबर से उसके परिवार में शोक का माहौल है। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था, जबकि उसकी मां राज्य सचिवालय में काम करती हैं और उसका भाई वकील है। अस्पताल में परिजनों और रिश्तेदारों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी दिशा-निर्देशों के बावजूद इमारत के संवेदनशील हिस्सों और छत पर सुरक्षा गार्ड नहीं थे, जिससे छात्रा इतनी आसानी से छत तक पहुँच गई। पुलिस ने परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।