जयपुर के नीर्जा मोदी स्कूल में छात्रा की आत्महत्या: सीसीटीवी फुटेज से खुलासा

जयपुर के नीर्जा मोदी स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा की आत्महत्या के मामले में हाल ही में जारी सीसीटीवी फुटेज ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। फुटेज में दिखाया गया है कि अमायरा को सहपाठियों द्वारा लगातार बुलिंग का शिकार बनाया जा रहा था। इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की भूमिका और पुलिस जांच पर सवाल उठने लगे हैं। क्या यह मामला केवल पढ़ाई के दबाव का है, या इसके पीछे कुछ और है? जानें पूरी कहानी में।
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जयपुर में छात्रा अमायरा की दुखद मौत का मामला

राजस्थान की राजधानी जयपुर के नीर्जा मोदी स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा की आत्महत्या के मामले में एक नया और चौंकाने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह वीडियो, जिसे मृतका के माता-पिता ने जारी किया है, घटना से पहले क्लासरूम के भयावह माहौल को दर्शाता है। 1 नवंबर, 2025 को 9 वर्षीय अमायरा ने चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान ले ली। इस फुटेज के प्रकाश में आने के बाद, स्कूल प्रशासन की भूमिका और पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।


बुलिंग और सहपाठियों का व्यवहार

अमायरा के माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी पिछले 18 महीनों से स्कूल में लगातार बुलिंग और मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रही थी। सहपाठियों द्वारा उसके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता था।


सीसीटीवी फुटेज की सच्चाई

जारी किए गए सीसीटीवी फुटेज में दिखाया गया है कि घटना के दिन कुछ छात्र एक डिजिटल राइटिंग स्लेट लेकर बार-बार अमायरा को कुछ दिखा रहे थे। हालांकि वीडियो में कोई ऑडियो नहीं है, लेकिन बच्ची की शारीरिक भाषा से स्पष्ट है कि वह उस स्लेट पर लिखे कंटेंट को देखकर असहज और परेशान थी।


टीचर की उदासीनता

वीडियो में एक भावनात्मक क्षण है जब अमायरा अपनी क्लास टीचर पुनीता शर्मा के पास जाती है। फुटेज में वह घबराई हुई नजर आती है, और रोते हुए शिक्षिका के सामने हाथ जोड़कर मदद मांगती है। कई बार मदद की गुहार लगाने के बावजूद, अमायरा को कोई सहायता नहीं मिलती और वह क्लासरूम से बाहर भाग जाती है।


जांच पर उठते सवाल

अमायरा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद, परिजनों का आरोप है कि स्कूल ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया। नए सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस की प्रारंभिक जांच को भी संदेह के घेरे में ला दिया है। चश्मदीदों के अनुसार, स्कूल स्टाफ ने घटना के बाद उस स्थान को साफ कर दिया था जहां अमायरा गिरी थी, जिससे सबूतों के साथ छेड़छाड़ का संदेह उत्पन्न हुआ है।


निष्पक्ष जांच की मांग

शुरुआत में इस मामले को पढ़ाई और भावनात्मक दबाव से जोड़कर पेश किया गया था, लेकिन अब क्लासरूम के भीतर की सच्चाई सामने आने के बाद, अमायरा की मौत के कारणों और स्कूल प्रशासन की लापरवाही की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।


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