जयपुर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए 344.70 करोड़ रुपये की सहायता

राजस्थान की राजधानी जयपुर को 15वें वित्त आयोग से 344.70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिली है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। राज्य मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से ई-वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी। जयपुर में हरित पट्टी का विकास भी किया गया है। जानें इस विषय में और क्या जानकारी है।
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जयपुर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए 344.70 करोड़ रुपये की सहायता

जयपुर में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए वित्तीय सहायता

राजस्थान की राजधानी जयपुर की वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग से अब तक 344.70 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। यह जानकारी राज्य सरकार ने विधानसभा में प्रस्तुत की।


केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जयपुर नगर निगम को इस वित्तीय सहायता का वितरण किया जा रहा है।


पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों, ई-वाहनों के प्रचार और हरित विकास कार्यों के माध्यम से जयपुर की वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा।


ई-वाहनों की दिशा में प्रगति

प्रश्नकाल के दौरान, शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, देश धीरे-धीरे पेट्रोल-डीजल आधारित वाहनों से ई-वाहनों की ओर बढ़ रहा है, जिससे प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।


उन्होंने यह भी बताया कि जयपुर में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 21.7 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पौधरोपण कर हरित पट्टी का विकास किया गया है।


मंत्री ने कहा कि वायु प्रदूषण के मुख्य स्रोतों की पहचान के लिए आईआईटी कानपुर द्वारा किए गए अध्ययन में यह पाया गया है कि जयपुर में प्रदूषण के प्रमुख कारणों में सड़क और भवन निर्माण के दौरान उत्पन्न धूल, वाहनों और औद्योगिक उत्सर्जन, ठोस अपशिष्ट का जलाना और डीजल जनरेटर सेटों का उपयोग शामिल हैं।