जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से आई बाढ़ में चार लोगों की मौत, राहत कार्य जारी

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ का कहर
शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले में बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आई, जिसमें चार व्यक्तियों की जान चली गई और चार अन्य लापता हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर राजगढ़ क्षेत्र में हुई। बचावकर्मियों ने दो महिलाओं सहित तीन शव बरामद किए हैं।
राजगढ़ के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश और बादल फटने से बाढ़ आई, जिससे कई घर बह गए और अन्य क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ इमारतें तेज़ बहाव में पूरी तरह से बह गईं। रामबन श्रीनगर से लगभग 136 किलोमीटर दूर स्थित है।
स्थानीय प्रशासन लापता व्यक्तियों की खोज और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए बचाव और राहत कार्य कर रहा है। जम्मू-कश्मीर में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है, जिससे नदियाँ उफान पर हैं और बाढ़ का पानी सब कुछ बहा ले जा रहा है।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, जो 270 किलोमीटर लंबा है और घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ता है, लगातार पांचवें दिन बंद है। भारी बारिश और अचानक बाढ़ के कारण उधमपुर जिले में भूस्खलन के चलते 2,000 से अधिक वाहन फंसे हुए हैं।
जम्मू क्षेत्र में नौ अंतर-ज़िला सड़कें भी भूस्खलन और कटाव के कारण बंद हैं। जम्मू, सांबा, कठुआ और उधमपुर के कई गाँव लगातार बारिश के कारण संपर्क से कट गए हैं।
भूस्खलन से हुई अन्य घटनाएँ
इस सप्ताह की शुरुआत में, कटरा में वैष्णो देवी मंदिर के पास भूस्खलन में 31 लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं। त्रिकुटा पहाड़ी पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर का मार्ग तबाही का शिकार हो गया। तब से यात्रा स्थगित कर दी गई है।
मौसम विभाग ने पुंछ, रियासी, राजौरी, किश्तवाड़ और उधमपुर के लिए शुक्रवार को येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। शनिवार और रविवार के लिए पुंछ, किश्तवाड़, जम्मू, रामबन और उधमपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिससे भारी बारिश की संभावना का संकेत मिलता है।