जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ चल रहा निर्णायक अभियान
आतंक विरोधी अभियान का नया चरण
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के मांजकोट क्षेत्र में डोरिमल और गंभीर मुगला के घने जंगलों में चल रहा आतंकवाद विरोधी अभियान अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त कार्रवाई लगातार सातवें दिन भी जारी है। यह अभियान सुरक्षा एजेंसियों को मिली विशेष खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य जंगलों में छिपे संदिग्ध आतंकवादियों का पता लगाना और उन्हें निष्क्रिय करना है।
सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी और तलाशी को और अधिक सघन बना दिया है। बृहस्पतिवार को डोरिमल के वन क्षेत्र में भारी गोलीबारी और गोला प्रहार की घटनाएं हुईं, जो दर्शाती हैं कि अभियान एक संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों ने संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाते हुए नई कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप जंगल के कई हिस्सों से धुएं के गुबार उठते देखे गए।
आतंकवादियों की संभावित संख्या
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक आकलन से पता चलता है कि इस क्षेत्र में दो से तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों के छिपे होने की संभावना है, जिनमें एक स्वयंभू कमांडर भी शामिल है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने अभियान क्षेत्र में अतिरिक्त जवानों और संसाधनों को भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि एक मजबूत और अभेद्य घेरा तैयार किया गया है ताकि आतंकवादियों को भागने का कोई अवसर न मिले।
उत्तरी सेना के कमांडर का दौरा
अभियान की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने हाल ही में क्षेत्र का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की। उनके दौरे के बाद सुरक्षा बलों ने अभियान को तेज करते हुए संदिग्ध ठिकानों पर केंद्रित कार्रवाई शुरू की। सुरक्षा एजेंसियां लगातार आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और जंगल के भीतर गहराई तक तलाशी अभियान चला रही हैं।
तलाशी कार्य में आधुनिक तकनीक का उपयोग
सोमवार को सुरक्षा बलों ने गोलीबारी के बाद एक आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया, जिसके बाद अभियान को और व्यापक रूप दिया गया। तलाशी कार्य में हेलीकाप्टर, मानवरहित निगरानी यंत्र और खोजी कुत्तों की सहायता ली जा रही है। इन साधनों की मदद से दुर्गम और घने वन क्षेत्रों में छिपे आतंकवादियों की तलाश की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जंगल के हर हिस्से की बारीकी से जांच की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।
कठुआ जिले में सुरक्षा व्यवस्था में वृद्धि
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। हटली क्षेत्र में गोविंदसर रेलवे स्टेशन मार्ग के निकट एक ड्रोन मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस ने उसे जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आगामी अमरनाथ यात्रा को देखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही उच्च सतर्कता पर हैं और घटना से जुड़ी हर जानकारी एकत्र की जा रही है।
महत्वपूर्ण परिणामों की उम्मीद
राजौरी में चल रहा यह व्यापक आतंक विरोधी अभियान सुरक्षा बलों की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि छिपे आतंकवादियों को बाहर निकालने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी, मजबूत घेराबंदी और निरंतर तलाशी अभियान के बीच आने वाले दिनों में इस कार्रवाई के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने की संभावना है।
