जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभ्यास: सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को आतंकवाद रोधी अभ्यास किया, जो 17 अगस्त से शुरू होने वाली श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा से पहले की तैयारियों का हिस्सा है। इस अभ्यास में सुरक्षा बलों ने नकली आतंकवादी हमले की स्थिति का सामना किया और त्वरित प्रतिक्रिया का परीक्षण किया। विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस अभ्यास में सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। जानें इस अभ्यास के बारे में और अधिक जानकारी।
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राजौरी में आतंकवाद रोधी अभ्यास

जम्मू, 7 अगस्त: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में शुक्रवार को सुरक्षा बलों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े दलों ने जम्मू-राजौरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आतंकवाद रोधी अभ्यास का आयोजन किया। यह अभ्यास 17 अगस्त से शुरू होने वाली वार्षिक श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा से पहले आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र को परखने के लिए किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास नौशेरा क्षेत्र के बगनोती राजल में संपन्न हुआ, जहां राजमार्ग पर आतंकवादी हमले की एक काल्पनिक स्थिति का निर्माण किया गया।


अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास के दौरान राजमार्ग पर दो नकली आतंकवादियों द्वारा हमले की स्थिति का निर्माण किया गया। सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए दोनों हमलावरों को निष्क्रिय किया और क्षेत्र को सुरक्षित किया। इस संयुक्त अभ्यास में जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), अग्निशामक और आपातकालीन सेवाएं, तथा स्वास्थ्य विभाग शामिल हुए।


इस दौरान विभिन्न एजेंसियों ने त्वरित तैनाती, क्षेत्र की सुरक्षा जांच, घायलों को निकालने और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने जैसी समन्वित कार्रवाई का अभ्यास किया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना और वार्षिक यात्रा के दौरान किसी भी आतंकवादी घटना से निपटने के लिए परिचालन तैयारियों को मजबूत करना था। श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा जम्मू-राजौरी-पुंछ मार्ग से होकर गुजरती है।


सुरक्षा एजेंसियां श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यात्रा मार्ग पर आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम कर रही हैं।