जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबल लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में, 44 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) के जवानों ने बुधवार (8 अप्रैल 2026) को दक्षिण कश्मीर में जैनापोरा-चटरगाम सड़क के किनारे 14.3 किलोग्राम का एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किया और उसे निष्क्रिय कर दिया, जिससे आतंकवादियों की एक बड़ी साजिश विफल हो गई।
इस IED में प्लास्टिक विस्फोटक, एक प्राइमर, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, रिमोट ट्रिगर और बैटरियां शामिल थीं। इसे जैनापोरा के फलों के बागों में सड़क के किनारे छिपाया गया था। सूत्रों के अनुसार, इसका उद्देश्य दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा बलों के वाहनों को निशाना बनाना था। नियमित तलाशी अभियान के दौरान, RR की टीम ने इस संदिग्ध वस्तु को देखा और तुरंत बम निरोधक दस्ते को बुलाया, जिसने इसे सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया, जिससे एक संभावित बड़ी त्रासदी टल गई।
सेना के प्रवक्ता ने जवानों की सतर्कता की प्रशंसा करते हुए कहा, 'आतंकवादियों द्वारा क्षेत्र की शांति को भंग करने की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है।' यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि आतंकवादी घाटी में गर्मियों के पर्यटन मौसम से पहले सामान्य जनजीवन को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस घटना के बाद, RR, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने इस नाकाम हमले के पीछे के दोषियों का पता लगाने के लिए संयुक्त अभियान तेज कर दिए हैं। फलों के बागों और आस-पास के गांवों में तलाशी अभियान जारी है। यह घटना उत्तरी कश्मीर में हाल ही में सामने आए IED हमलों की धमकियों का हिस्सा है, जहां सुरक्षा बलों ने पहले भी आतंकवादियों की कई साजिशों को विफल किया है।
