जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई
सुरक्षा बलों की सक्रियता
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। सीमा पार से आतंक फैलाने की हर कोशिश को विफल करने के लिए सेना, पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और एनआईए एकजुट होकर काम कर रहे हैं। पुंछ में आतंकवादियों के ठिकाने को ध्वस्त करने से लेकर राजौरी में संदिग्ध आतंकवादियों की खोज, सांबा में संदिग्ध ड्रोन की बरामदगी और पहलगाम नरसंहार के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद के खिलाफ गैर जमानती वारंट तक, हर मोर्चे पर यह स्पष्ट किया गया है कि भारत अब आतंकवाद के प्रति कोई नरमी नहीं बरतेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
पुंछ में आतंकवादियों का ठिकाना नष्ट
हाल ही में, पुंछ जिले के सीमावर्ती सावजियान सेक्टर में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के एक ठिकाने का पता लगाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया। पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और सेना के संयुक्त अभियान के दौरान इस ठिकाने से जनरल पर्पज मशीन गन के 246 कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद ठिकाने को नष्ट कर दिया गया ताकि भविष्य में इसका उपयोग आतंकवादी न कर सकें। यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि सुरक्षा बलों की नजर सीमा पार से संचालित हर आतंकी नेटवर्क पर बनी हुई है।
राजौरी में संदिग्ध आतंकवादियों की खोज
राजौरी जिले के थानामंडी क्षेत्र में सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध आतंकवादियों की गतिविधियों के बाद व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त टुकड़ियां भंगहाई, हस्पलोट, करयोट, कोपरा टॉप और आसपास के गांवों में लगातार छानबीन कर रही हैं। भारी बारिश भी इस अभियान की गति को नहीं रोक सकी। यह कार्रवाई ऐसे समय हो रही है जब मंजाकोट क्षेत्र के जंगलों में मई से चल रहे अभियान के तहत दो से तीन छिपे आतंकवादियों की तलाश पहले से जारी है।
सुरनकोट और डोडा में कार्रवाई
सुरनकोट क्षेत्र के सांगला और गुंथल गांवों में भी खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया गया और कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। वहीं, डोडा जिले के गांडोह क्षेत्र के चांटी गांव में उस स्थानीय आतंकवादी के पैतृक घर की तलाशी ली गई जो अब पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है। हालांकि वहां से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई, लेकिन यह कार्रवाई आतंकवादियों के स्थानीय संपर्कों पर नजर रखने का संकेत है।
सांबा में संदिग्ध ड्रोन की बरामदगी
सांबा जिले में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहीं। एक ग्रामीण को देवक क्षेत्र के पास खेत में एक संदिग्ध ड्रोन मिला। सूचना मिलते ही सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और ड्रोन को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। अब उसके तकनीकी स्वरूप और संभावित सीमा पार संबंधों की गहन जांच की जा रही है। सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की कोशिशों को देखते हुए इस बरामदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कानूनी मोर्चे पर कार्रवाई
आतंकवाद के खिलाफ कानूनी मोर्चे पर भी बड़ी कार्रवाई हुई है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की जांच से जुड़े मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। एनआईए ने उसे आरोपी बनाया है और अदालत ने माना कि निष्पक्ष जांच के लिए उसकी गिरफ्तारी आवश्यक है। हाफिज सईद को पहले ही वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जा चुका है।
भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति
जम्मू-कश्मीर में चल रही ये सभी कार्रवाइयां इस बात का प्रमाण हैं कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ केवल प्रतिक्रिया नहीं दे रहा, बल्कि उसके पूरे ढांचे को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रहा है। मोदी सरकार की स्पष्ट नीति है कि आतंकवाद और उसके संरक्षकों के लिए भारत में कोई जगह नहीं है। यही कारण है कि सुरक्षा अभियान, खुफिया कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ रही हैं।
