जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की सख्त कार्रवाई
अनंतनाग में हेड कांस्टेबल की हत्या के बाद सुरक्षा अभियान
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की दिनदहाड़े हत्या के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया है। एक ही रात में ढाई हजार से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, और लश्कर-ए-तैयबा के दो वांछित आतंकियों के घरों को नियंत्रित विस्फोट से ध्वस्त कर दिया गया। इसके साथ ही, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क को समाप्त करने का प्रयास तेज कर दिया गया है।
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई
सुरक्षा बलों ने अनंतनाग और बिजबेहड़ा में लश्कर-ए-तैयबा के दो वांछित आतंकियों, आदिल अहमद ठोकर और हारून राशिद गनई के घरों को नियंत्रित विस्फोट से नष्ट कर दिया। ये दोनों आतंकवादी 2018 से लश्कर से जुड़े हुए हैं। आधी रात के बाद सुरक्षा बलों ने गांवों में पहुंचकर परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला और फिर विस्फोट कर मकानों को गिरा दिया।
संदिग्धों की गिरफ्तारी और सुरक्षा समीक्षा
सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों के सहयोगियों पर शिकंजा कसते हुए 2500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, ये संदिग्ध आतंकियों को ठिकाना, परिवहन, धन और अन्य सुविधाएं प्रदान करने में संलिप्त हैं। श्रीनगर में लगभग 700, बारामूला में 178, बडगाम में 200, और अन्य क्षेत्रों में सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया।
उपराज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
इस कायराना हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरक्षा समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने शहीद आशिक हुसैन कुरैशी के परिवार से भी मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शहीद के परिवार से फोन पर बात कर संवेदना व्यक्त की।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सुरक्षा एजेंसियों का दृष्टिकोण
हालांकि, इस सख्त कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे प्रतिकूल बताते हुए कहा कि इससे जनता का गुस्सा प्रशासन की ओर मुड़ सकता है। दूसरी ओर, सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकवाद का पूरा तंत्र समाप्त किए बिना स्थायी शांति संभव नहीं है।
सीमा पार से ड्रोन गतिविधियां
पाकिस्तान की संदिग्ध गतिविधियों के चलते, सांबा और कठुआ जिलों में ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया। ड्रोन गतिविधियों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई
कश्मीर की वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि अब लड़ाई केवल आतंकियों के खिलाफ नहीं, बल्कि आतंकवाद के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंक का हर चेहरा और उसका हर सहयोगी अब कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएगा।
