जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पांच सरकारी कर्मचारी बर्खास्त

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पांच सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया है। इन कर्मचारियों पर आतंकवादी संगठनों से संबंध होने का आरोप है। इस कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी तंत्र की अखंडता को मजबूत करना और आतंकवाद के प्रभाव को समाप्त करना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी सुरक्षा बलों को आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रखने का निर्देश दिया है। जानें इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
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जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पांच सरकारी कर्मचारी बर्खास्त

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को सरकारी तंत्र में आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। उन्होंने पांच सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया, जिन पर आतंकवादी संगठनों से संबंध होने का आरोप था। अधिकारियों के अनुसार, इन कर्मचारियों को पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा सरकारी तंत्र में घुसपैठ करने के लिए सक्रिय सहयोगी के रूप में इस्तेमाल किया गया था, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हुआ।


बर्खास्त कर्मचारियों की पहचान

इन कर्मचारियों को संविधान के अनुच्छेद 311 (2) (सी) के तहत बर्खास्त किया गया। इनमें एक शिक्षक शामिल है, जो लश्कर-ए-तैबा (एलईटी) के लिए काम कर रहा था। उसे अप्रैल 2022 में जम्मू और कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अन्य बर्खास्त कर्मचारियों में एक लैब तकनीशियन, एक सहायक लाइनमैन, एक वन विभाग का फील्ड वर्कर और स्वास्थ्य विभाग का एक ड्राइवर शामिल हैं, जो आतंकवादी संगठनों से जुड़े पाए गए।


सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 2021 में आतंकवादी तंत्र को बेनकाब करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत, 85 से अधिक सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, जो आतंकवादी समूहों के लिए काम कर रहे थे। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी तंत्र की अखंडता को मजबूत करने के लिए की गई है।


केंद्रीय गृह मंत्री का निर्देश

यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जम्मू-कश्मीर पर उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान सभी सुरक्षा बलों को आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रखने के निर्देश के बाद की गई है। शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और 'आतंकवाद मुक्त जम्मू-कश्मीर' के लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त करने के लिए तालमेल से काम करने का निर्देश दिया।