जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर की चर्चा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की विदेश मंत्री से बातचीत
जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि विदेश मंत्री ने मंत्रालय द्वारा तैयार की जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने डॉ. एस. जयशंकर से ईरान में चल रही स्थिति के बारे में बात की और जमीनी हालात का आकलन साझा किया।
जयशंकर का आश्वासन और मुफ्ती की चिंता
मुख्यमंत्री ने जयशंकर द्वारा जम्मू और कश्मीर के लोगों की सुरक्षा का आश्वासन देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ईरान में फंसे छात्रों और अन्य लोगों के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए उनका धन्यवाद किया। इस बीच, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने विदेश मंत्री से ईरान में बढ़ती अशांति के बीच फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
मुफ्ती ने एक्स पर एक पोस्ट में ईरान में फंसे हजारों भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "कश्मीर समेत पूरे देश के हजारों छात्र ईरान में मौजूदा अस्थिर स्थिति के बीच फंसे हुए हैं। इससे गहरा भय और चिंता का माहौल है और व्यथित माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। मैं डॉ. एस. जयशंकर और विदेश मंत्रालय से आग्रह करती हूं कि वे तत्काल हस्तक्षेप करें और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें।"
भारतीय दूतावास की सलाह
इस बीच, तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। दूतावास ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 5 जनवरी, 2025 को जारी की गई सलाह के अनुसार और ईरान में उत्पन्न हो रही स्थिति को देखते हुए, सभी भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों) को वाणिज्यिक उड़ानों सहित उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग करके ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है।
