जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल ने चोर को तालाब से निकाला

जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल ने एक चोर को तालाब से गिरफ्तार किया, जिसने 21 आपराधिक मामलों में अपनी पहचान छुपाई थी। आरोपी, जो पहले पार्षद रह चुका है, ने गिरफ्तारी से बचने के लिए तालाब में छिपने का प्रयास किया। आरपीएफ ने गोताखोरों की मदद से उसे 5 घंटे बाद निकाला। जानें इस दिलचस्प घटना के बारे में और अधिक।
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जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल ने चोर को तालाब से निकाला

चोर की गिरफ्तारी का अनोखा मामला

जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल ने चोर को तालाब से निकाला

जबलपुर: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक विशेष ऑपरेशन के तहत एक इंटर-स्टेट चोर को तालाब से गिरफ्तार किया। आरोपी पर 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसकी तलाश कई प्रकरणों में की जा रही थी। यह व्यक्ति उत्तर प्रदेश के बिजनौर का निवासी है और पहले वह पार्षद रह चुका है। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए तालाब में छिपने का प्रयास किया। आरपीएफ ने गोताखोरों की सहायता से उसे तालाब से बाहर निकाला।

आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब के अनुसार, सिहोरा रेलवे स्टेशन पर तैनात जवानों ने सुबह लगभग 4:50 बजे ट्रेन नंबर 11753 से एक संदिग्ध व्यक्ति को उतरते देखा। वह कथित तौर पर ट्रेन में एक महिला का पर्स चुराने की कोशिश कर रहा था। जब आरपीएफ के जवानों ने उसका पीछा किया, तो वह पास के काई से भरे तालाब में कूद गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए, वह घंटों तक पानी में डूबा रहा और सांस लेने के लिए कमल के डंठल का सहारा लेता रहा।

गोताखोरों की मदद से 5 घंटे बाद निकाला गया
जवानों ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और गोताखोरों को बुलाया। गोताखोरों की सहायता से आरोपी को तालाब से बाहर निकाला गया। बाहर आने के बाद भी उसने भागने का प्रयास किया। इस पूरी प्रक्रिया में पांच घंटे से अधिक का समय लगा।

आरोपी की पहचान प्रारंभिक पूछताछ में छुपाने का प्रयास किया गया, लेकिन बाद में उसे हरविंदर सिंह (32) के रूप में पहचाना गया, जो बिजनौर का निवासी है और 2017 में पार्षद का चुनाव भी जीत चुका है।