जबलपुर क्रूज़ हादसे में प्रशासनिक लापरवाही का मामला, 9 की मौत

जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज़ हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर सवाल उठाए हैं। मौसम विभाग ने तेज हवाओं की चेतावनी जारी की थी, जिसे नजरअंदाज किया गया। इस त्रासदी में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और बचाव कार्य की स्थिति के बारे में।
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जबलपुर में क्रूज़ दुर्घटना की गंभीरता

गुरुवार को जबलपुर के बरगी बांध में हुई क्रूज़ दुर्घटना अब केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं रह गई है, बल्कि यह प्रशासन और ऑपरेटरों की 'आपराधिक लापरवाही' का मामला बनता जा रहा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने हादसे से 24 घंटे पहले तेज हवाओं की चेतावनी जारी की थी, जिसे पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। शुक्रवार को बचाव दल ने जलाशय से तीन और शव बरामद किए, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।


दुर्घटना का विवरण

यह दुखद घटना उस समय हुई जब अचानक आए तूफान के कारण नाव पलट गई। यह बांध नर्मदा नदी पर स्थित है। रिपोर्टों के अनुसार, उस समय नाव में 2 क्रू सदस्य और 29 से 34 पर्यटक सवार थे।


पर्यटकों की आपबीती

दिल्ली की पर्यटक संगीता कोरी ने बताया कि तेज हवाओं के कारण नाव में पानी भरने लगा, जिससे अफरातफरी मच गई। उन्होंने कहा कि किसी को भी पहले से लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जब पानी अंदर आने लगा, तब ऑपरेटरों ने लाइफ जैकेट बांटने की कोशिश की, जिससे और भी अधिक अफरातफरी फैल गई।


मौसम की चेतावनी की अनदेखी

मौसम विभाग ने एक दिन पहले ही एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें जबलपुर में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद, गुरुवार को शाम लगभग 4:30 बजे क्रूज़ को पानी में उतरने की अनुमति दी गई, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं।


बचाव अभियान और शोक में डूबे परिवार

अब तक लगभग 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 9 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। क्रूज़ लगभग 20 मीटर पानी के नीचे डूबा हुआ है। यह हादसा किनारे से बांध के अंदर करीब 300 मीटर की दूरी पर हुआ। जबलपुर के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर मौजूद हैं, जबकि अधिकारी जब पानी से शवों को बाहर निकालते हैं, तो शोक में डूबे परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल हो जाता है।